Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुए हमले के मामले में दो आरोपियों की याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने ट्रायल पर रोक लगाने से साफ मना कर दिया है, जिसका मतलब है कि अब इन आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रव
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुए हमले के मामले में दो आरोपियों की याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने ट्रायल पर रोक लगाने से साफ मना कर दिया है, जिसका मतलब है कि अब इन आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ेगी। जस्टिस अनुप जे भाम्भानी ने कहा कि जब तक कुछ गलत होने का स्पष्ट संकेत न मिले, वह कार्यवाही रोकने में विश्वास नहीं रखते।
क्या है पूरा मामला और अब आगे क्या होगा?
यह मामला 20 अगस्त 2025 का है, जब सिविल लाइंस इलाके में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कैंप ऑफिस में ‘जन सुनवाई’ प्रोग्राम चल रहा था। इसी दौरान उन पर हमला हुआ, जिसे उनके ऑफिस ने जान से मारने की एक सोची-समझी साजिश बताया। दिल्ली पुलिस ने अक्टूबर 2025 में 400 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी और दिसंबर में कोर्ट ने हत्या के प्रयास समेत अन्य गंभीर आरोप तय किए थे। अब 25 अप्रैल को ट्रायल कोर्ट में गवाहों के बयान और सबूतों की रिकॉर्डिंग शुरू होने की उम्मीद है।
कौन हैं आरोपी और उन पर क्या आरोप हैं?
इस केस में दो मुख्य आरोपी हैं, जिन्होंने कोर्ट में हत्या के प्रयास के आरोपों को चुनौती दी थी। उनकी जानकारी नीचे दी गई है:
| नाम |
निवासी |
मुख्य आरोप |
| Rajeshbhai Khimjibhai Sakariya |
राजकोट, गुजरात |
हमला करना और हत्या का प्रयास |
| Tehsin Raza Sheikh |
– |
साजिश रचना और राजेशभाई को 2,000 रुपये भेजना |
मोबाइल फोन की जांच पर कोर्ट का सख्त निर्देश
जस्टिस भाम्भानी ने रोहिणी स्थित Forensic Science Laboratory (FSL) को आदेश दिया है कि आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच जल्द से जल्द पूरी की जाए। कोर्ट ने कहा कि मोबाइल फोन सभी राजों का खजाना होता है और इसकी जांच से यह पता चलेगा कि दिल्ली से बाहर के रहने वाले इन दोनों आरोपियों के बीच क्या संबंध था। FSL को चार हफ्ते के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट जमा करने को कहा गया है।