Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने एक मौलवी को नियमित जमानत देने से साफ इनकार कर दिया है। आरोपी Mohd Mubarak पर एक नाबालिग लड़की के साथ यौन शोषण का आरोप है। उसने लड़की के परिवार को यह कहकर झांसा दिया था कि वह ‘जिन्न’
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने एक मौलवी को नियमित जमानत देने से साफ इनकार कर दिया है। आरोपी Mohd Mubarak पर एक नाबालिग लड़की के साथ यौन शोषण का आरोप है। उसने लड़की के परिवार को यह कहकर झांसा दिया था कि वह ‘जिन्न’ के असर को ठीक कर देगा और आध्यात्मिक इलाज करेगा।
क्या है पूरा मामला और कोर्ट का फैसला
यह मामला अक्टूबर 2019 का है जब प्रेम नगर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज हुई थी। जस्टिस Swarana Kanta Sharma ने 29 अप्रैल 2026 को अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि आरोपी ने लड़की की कमजोर मानसिक और शारीरिक हालत का गलत फायदा उठाया। साथ ही, परिवार के अंधविश्वास का इस्तेमाल कर इस घिनौने काम को अंजाम दिया। आरोपी 10 अक्टूबर 2019 से जेल में बंद है।
किन धाराओं के तहत दर्ज हुआ केस
आरोपी Mohd Mubarak पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 के तहत बलात्कार और POCSO एक्ट की धारा 6 (गंभीर यौन हमला) के तहत मामला दर्ज है। सरकारी वकील Naresh Kumar Chahar ने दलील दी कि आरोपी ने परिवार की मजबूरी और विश्वास का फायदा उठाया है, इसलिए उसे जमानत नहीं मिलनी चाहिए। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे गंभीर मामलों में ट्रायल शुरू होने के बाद जमानत देना सही नहीं है।
केस की मौजूदा स्थिति क्या है
इस मामले की सुनवाई काफी आगे बढ़ चुकी है। कुल 18 गवाहों में से 12 गवाहों के बयान कोर्ट में दर्ज हो चुके हैं। आरोपी की तरफ से वकील Sumit Sharma, Narender और Raju Thakur ने जमानत की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए इसे खारिज कर दिया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
आरोपी मौलवी ने किस बहाने लड़की का शोषण किया?
आरोपी Mohd Mubarak ने नाबालिग लड़की और उसके परिवार को यह विश्वास दिलाया था कि वह ‘जिन्न’ के असर को ठीक करने का आध्यात्मिक इलाज कर रहा है।
कोर्ट ने जमानत याचिका क्यों खारिज की?
जस्टिस Swarana Kanta Sharma ने माना कि आरोपी ने पीड़िता की नाजुक हालत और परिवार के अंधविश्वास का गलत फायदा उठाया, इसलिए गंभीर धाराओं (IPC 376 और POCSO) को देखते हुए जमानत नहीं दी गई।