Delhi High Court ने Ravi Kishan के व्यक्तित्व अधिकारों को दिया संरक्षण, AI और Deepfake के गलत इस्तेमाल पर लगाई रोक
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने अभिनेता और बीजेपी सांसद Ravi Kishan की पहचान का गलत इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ बड़ा फैसला सुनाया है। जस्टिस ज्योति सिंह ने 2 जुलाई 2026 को एक अंतरिम आदेश जारी करते हुए उनके व्यक्तित्व अधिकारो
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने अभिनेता और बीजेपी सांसद Ravi Kishan की पहचान का गलत इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ बड़ा फैसला सुनाया है। जस्टिस ज्योति सिंह ने 2 जुलाई 2026 को एक अंतरिम आदेश जारी करते हुए उनके व्यक्तित्व अधिकारों (Personality Rights) को सुरक्षित किया। कोर्ट ने साफ किया है कि AI और Deepfake जैसी तकनीकों के जरिए उनकी छवि बिगाड़ना गलत है।
यह आदेश Ravi Kishan द्वारा दायर एक कमर्शियल सूट के बाद आया है। कोर्ट ने पाया कि उनकी पहचान का गलत इस्तेमाल कर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर गलत सामग्री फैलाई जा रही थी। इसमें अश्लील रील्स अपलोड करना, उनके भाषण और बोलने के तरीके का मजाक उड़ाने वाले AI वीडियो बनाना और गलत बयान फैलाना शामिल था। कोर्ट ने माना कि अगर इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो उनकी प्रतिष्ठा को अपूरणीय क्षति होगी।
कोर्ट के इस आदेश के बाद अब कोई भी व्यक्ति या संस्था Ravi Kishan के नाम, फोटो, आवाज और उनकी पहचान से जुड़ी किसी भी चीज का इस्तेमाल बिना अनुमति के कमर्शियल या निजी फायदे के लिए नहीं कर पाएगी। यह रोक AI, Generative AI, Machine Learning और Deepfake जैसी सभी आधुनिक तकनीकों पर लागू होगी, चाहे वह सोशल मीडिया हो या कोई अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म।
अदालत ने आदेश में कुछ खास बातें साफ की हैं:
- अदालत ने आदेश के साथ दिए गए Annexure-A में मौजूद सभी गलत URLs को तीन दिन के भीतर हटाने का निर्देश दिया है।
- अगर दोषी पक्ष इसे नहीं हटाते हैं, तो Ravi Kishan Meta Platforms, Google LLC और X Corp को इसकी सूचना दे सकते हैं।
- सूचना मिलने के 72 घंटों के भीतर इन कंपनियों को संबंधित कंटेंट हटाने की कार्रवाई करनी होगी।
Ravi Kishan की तरफ से सीनियर एडवोकेट N Hariharan ने पैरवी की। कोर्ट ने कहा कि किसी सेलिब्रिटी की पहचान का बिना इजाजत इस्तेमाल करना न केवल उनके व्यापारिक नुकसान का कारण बनता है, बल्कि यह उनकी प्राइवेसी और गरिमा के अधिकार का भी उल्लंघन है।