Delhi: राजधानी दिल्ली की सड़कों और पुलिस थानों के बाहर खड़ी पुरानी और कबाड़ गाड़ियों को हटाने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए कहा कि ये गाड़ियां अब आम जनता
Delhi: राजधानी दिल्ली की सड़कों और पुलिस थानों के बाहर खड़ी पुरानी और कबाड़ गाड़ियों को हटाने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए कहा कि ये गाड़ियां अब आम जनता के लिए स्वास्थ्य और साफ-सफाई की बड़ी समस्या बन गई हैं। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को इन गाड़ियों को तुरंत हटाने और इसकी रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
कबाड़ गाड़ियों से आम जनता को क्या परेशानी हो रही है?
सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि सड़कों पर लावारिस खड़ी गाड़ियों की वजह से कई दिक्कतें आ रही हैं। ये गाड़ियां फुटपाथों को रोकती हैं जिससे पैदल चलने वालों को परेशानी होती है और ट्रैफिक जाम बढ़ता है। साथ ही, इन पुरानी गाड़ियों में पानी जमा होने से मच्छरों का प्रजनन होता है, जिससे बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाता है और शहर की गंदगी भी बढ़ती है।
पुराने वाहनों (ELV) के लिए क्या हैं नए नियम और जुर्माने?
दिल्ली सरकार ने पुराने वाहनों (End-of-Life Vehicles) के लिए सख्त नियम बनाए हैं। इसके तहत तय सीमा से ज्यादा पुराने वाहनों को सार्वजनिक जगहों पर खड़ा करने पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
| वाहन का प्रकार |
जुर्माना राशि |
नियम/समय सीमा |
| चार पहिया वाहन |
₹10,000 |
डीजल 10 साल, पेट्रोल 15 साल से पुराने |
| दो पहिया वाहन |
₹5,000 |
BS-III या उससे पुराने मानक वाले वाहन |
नियमों के मुताबिक, तय समय सीमा के बाद सार्वजनिक स्थानों पर मिलने वाले ऐसे वाहनों को बिना किसी मुआवजे के जब्त और स्क्रैप किया जा सकता है।
हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस और प्रशासन को क्या निर्देश दिए?
चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की बेंच ने पाया कि 2024 में परिवहन विभाग द्वारा जारी गाइडलाइंस को ठीक से लागू नहीं किया गया है। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया कि पुलिस कमिश्नर ने सभी SHO को गाड़ियां हटाने के निर्देश दिए हैं। इस पर कोर्ट ने कमिश्नर से एक हलफनामा (Affidavit) मांगा है ताकि यह पक्का हो सके कि काम सही से हो रहा है और इसकी नियमित निगरानी की जा रही है।