Delhi: मशहूर यूट्यूबर और अभिनेता Bhuvan Bam को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनके चेहरे और आवाज का गलत इस्तेमाल करने वाले डीपफेक वीडियो और भ्रामक विज्ञापनों को हटाने का सख्त आदेश दिया है। जस्टिस ज्योति स
Delhi: मशहूर यूट्यूबर और अभिनेता Bhuvan Bam को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनके चेहरे और आवाज का गलत इस्तेमाल करने वाले डीपफेक वीडियो और भ्रामक विज्ञापनों को हटाने का सख्त आदेश दिया है। जस्टिस ज्योति सिंह ने कहा कि अगर इन फर्जी वीडियो को नहीं रोका गया, तो भुवन बाम और आम जनता को भारी नुकसान हो सकता है।
कोर्ट ने किन प्लेटफॉर्म्स को दिए वीडियो हटाने के निर्देश
अदालत ने इस मामले में ‘जॉन डो’ आदेश जारी किया है। इसके तहत गूगल (YouTube), मेटा (Instagram), स्पॉटिफ़ाई और फ्लिपकार्ट जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिया गया है कि वे भुवन बाम के व्यक्तित्व अधिकारों का दुरुपयोग करने वाली सामग्री को 36 घंटों के भीतर हटाएं। इसके अलावा बीट्रेंडी और स्वैग शर्ट्स जैसे ऑनलाइन मर्चेंडाइज विक्रेताओं को भी इस आदेश का पालन करना होगा।
क्या है पूरा मामला और कोर्ट की टिप्पणी
Bhuvan Bam और उनकी कंपनी BB Ki Vines ने अपनी पहचान और आवाज के अनाधिकृत उपयोग के खिलाफ याचिका दायर की थी। कोर्ट ने पाया कि प्रथम दृष्टया यह मामला सही है। इससे पहले 13 जनवरी 2026 को भी एक अंतरिम आदेश आया था, जिसमें उनके नाम और ऑन-स्क्रीन किरदारों के गलत इस्तेमाल पर रोक लगाई गई थी। पैरोडी के नाम पर किए गए दावों की जांच कोर्ट बाद में करेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कोर्ट ने डीपफेक वीडियो हटाने के लिए कितना समय दिया है
दिल्ली हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि भुवन बाम के चेहरे और आवाज का इस्तेमाल करने वाले सभी डीपफेक वीडियो और भ्रामक विज्ञापनों को 36 घंटों के भीतर हटा दिया जाए।
इस फैसले में किन कंपनियों के नाम शामिल हैं
कोर्ट ने गूगल (YouTube), मेटा (Instagram), फ्लिपकार्ट और स्पॉटिफ़ाई के साथ-साथ बीट्रेंडी और स्वैग शर्ट्स जैसे विक्रेताओं को सामग्री हटाने का निर्देश दिया है।