Delhi: लुटियंस जोन के मशहूर दिल्ली जिमखाना क्लब और पोलो ग्राउंड को केंद्र सरकार अपने कब्जे में लेना चाहती है. इस मामले पर दिल्ली हाईकोर्ट ने कड़ी चिंता जताई है. कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि क्या वह इन खुली जगहों पर ऊंची
Delhi: लुटियंस जोन के मशहूर दिल्ली जिमखाना क्लब और पोलो ग्राउंड को केंद्र सरकार अपने कब्जे में लेना चाहती है. इस मामले पर दिल्ली हाईकोर्ट ने कड़ी चिंता जताई है. कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि क्या वह इन खुली जगहों पर ऊंची इमारतें बनाना चाहती है. जज ने साफ कहा कि दिल्ली में पहले से ही ग्रीन बेल्ट कम है और ऐसी जगहों के खत्म होने से शहर का दम घुट जाएगा.
केंद्र सरकार क्यों लेना चाहती है यह जमीन?
केंद्र सरकार के वकील आशीष दीक्षित ने कोर्ट में दलील दी कि दिल्ली के बीचों-बीच जगह बहुत कम है. इसलिए इस जमीन की जरूरत सार्वजनिक कार्यों और रक्षा संबंधी उद्देश्यों के लिए है. आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने क्लब के 1928 के पुराने पट्टे को खत्म करने का नोटिस दिया है. सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए यह कदम जरूरी है.
कोर्ट की सुनवाई और आगे की तारीखें क्या हैं?
भारतीय पोलो संघ की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने केंद्र को चेतावनी दी कि हरित क्षेत्र का नुकसान दिल्ली के निवासियों के लिए गंभीर होगा. कोर्ट ने निर्देश दिया है कि बेदखली नोटिस पर रोक लगाने के आवेदन पर 10 जून, 2026 को जिला और सत्र न्यायाधीश के सामने सुनवाई होगी. वहीं, क्लब के सदस्यों और कर्मचारियों की याचिकाओं पर सुनवाई जुलाई के अंत में तय की गई है.
अब तक क्या-क्या हुआ है?
- 20 मई, 2026: सरकार ने भारतीय पोलो संघ को जयपुर पोलो ग्राउंड खाली करने का नोटिस दिया.
- 22 मई, 2026: दिल्ली जिमखाना क्लब को 5 जून तक परिसर खाली करने का आदेश मिला.
- 8 जून, 2026: दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई की और सरकार के इरादों पर सवाल उठाए.
- सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भरोसा दिलाया कि बिना कानूनी प्रक्रिया और सूचना के कोई जबरन बेदखली नहीं होगी.
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली जिमखाना क्लब को खाली करने का नोटिस क्यों मिला?
केंद्र सरकार ने 1928 के पट्टे को समाप्त करते हुए नोटिस दिया है. सरकार का कहना है कि इस जमीन की जरूरत सार्वजनिक और रक्षा संबंधी उद्देश्यों के लिए है.
हाईकोर्ट ने इस मामले में क्या टिप्पणी की?
जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कहा कि दिल्ली पहले से ही प्रदूषण से जूझ रही है और खुली जगहें खत्म होने से दिल्ली का दम घुट जाएगा.