Delhi HC ने ZEE को भेजा नोटिस, FIFA World Cup स्ट्रीमिंग में दृष्टिबाधित लोगों को आ रही परेशानी
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने ZEE Entertainment Enterprises Limited (ZEEL) को एक नोटिस जारी किया है। यह मामला ZEE5 प्लेटफॉर्म पर FIFA World Cup 2026 की स्ट्रीमिंग के दौरान दृष्टिबाधित (visually challenged) लोगों को होने वाल
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने ZEE Entertainment Enterprises Limited (ZEEL) को एक नोटिस जारी किया है। यह मामला ZEE5 प्लेटफॉर्म पर FIFA World Cup 2026 की स्ट्रीमिंग के दौरान दृष्टिबाधित (visually challenged) लोगों को होने वाली दिक्कतों से जुड़ा है। कोर्ट ने केंद्र सरकार को भी इस मामले में दो हफ्ते के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
यह कानूनी लड़ाई दृष्टिबाधित वकील और दिव्यांग अधिकार विशेषज्ञ Rahul Bajaj ने शुरू की है। उन्होंने याचिका में कहा कि ZEE5 ऐप और वेबसाइट उन लोगों के लिए सुलभ नहीं हैं जो देख नहीं सकते या जिनकी नजर कमजोर है। राहुल बजाज ने बताया कि सब्सक्रिप्शन होने के बावजूद वह स्वतंत्र रूप से FIFA World Cup 2026 का आनंद नहीं ले पा रहे थे। उन्होंने ZEE को लीगल नोटिस भी भेजा था, लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं मिला।
याचिका में तर्क दिया गया है कि ZEE5 ऐप और वेबसाइट स्क्रीन-रीडर टेक्नोलॉजी जैसे TalkBack, VoiceOver और Voice Assistant के साथ सही से काम नहीं करते। इसमें कंट्रोल बटन पर लेबल नहीं हैं और मीडिया प्लेयर का इस्तेमाल करना बहुत मुश्किल है, जिससे कंटेंट ढूंढना और नेविगेट करना कठिन हो जाता है।
जस्टिस Swarana Kanta Sharma ने इस मामले की सुनवाई की और ZEE को निर्देश दिया कि वह अपने प्लेटफॉर्म को BIS Standard IS 17802:2022 के नियमों के मुताबिक बनाए। यह स्टैंडर्ड ICT प्रोडक्ट्स और सेवाओं की सुलभता के लिए तय किया गया है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट के एक पुराने फैसले का भी हवाला दिया गया है, जिसमें कहा गया था कि डिजिटल एक्सेस पाना जीवन के मौलिक अधिकार (Article 21) का हिस्सा है।
राहुल बजाज की मांग है कि सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त किसी ऑडिटर से ZEE5 का एक्सेसिबिलिटी ऑडिट कराया जाए। साथ ही, ZEE की डिजाइन और कस्टमर सपोर्ट टीम को इस बारे में ट्रेनिंग दी जाए ताकि भविष्य में दिव्यांग लोगों को ऐसी समस्या न हो। इस मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर 2026 को होगी।