Delhi: राजधानी के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 10 लाख बच्चों को अब तक किताबें नहीं मिली हैं। इस मामले को लेकर Delhi High Court ने सरकार को नोटिस जारी किया है। कोर्ट में यह बात सामने आई कि सत्र 2026-27 शुरू होने के
Delhi: राजधानी के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 10 लाख बच्चों को अब तक किताबें नहीं मिली हैं। इस मामले को लेकर Delhi High Court ने सरकार को नोटिस जारी किया है। कोर्ट में यह बात सामने आई कि सत्र 2026-27 शुरू होने के बावजूद पहली से आठवीं कक्षा तक के छात्र बिना किताबों के पढ़ाई कर रहे हैं, जिससे उनकी शिक्षा पर बुरा असर पड़ रहा है।
किताबें मिलने में देरी क्यों हुई और अब क्या होगा
Education Minister Ashish Sood ने बताया कि किताबों की छपाई के लिए टेंडर की प्रक्रिया चल रही थी, जिसकी वजह से देरी हुई। सरकार का कहना था कि इस प्रक्रिया से किताबों की क्वालिटी बेहतर होगी और खर्चा भी कम आएगा। अब दिल्ली सरकार ने कोर्ट को भरोसा दिया है कि गर्मियों की छुट्टियों से पहले सभी छात्रों को किताबें बांट दी जाएंगी।
कोर्ट में क्या दलीलें दी गईं
Social Jurist संस्था की तरफ से Advocate Ashok Agarwal ने याचिका दायर की थी। उन्होंने कहा कि कोर्ट को पहले भी भरोसा दिलाया गया था, लेकिन फिर भी बच्चों को किताबें नहीं मिलीं। उन्होंने इसे बच्चों के शिक्षा के अधिकार (RTE Act 2009) और संविधान के अनुच्छेद 21-A का उल्लंघन बताया। Justice Sachin Datta ने इस देरी पर सरकार से सवाल पूछे हैं और स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।
महत्वपूर्ण तारीखें और समय सीमा
- 1 अप्रैल 2026: नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुआ।
- 20 अप्रैल 2026: किताबें बांटने की शुरुआती समय सीमा थी।
- 9 मई 2026: स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियां शुरू होंगी।
- 30 सितंबर 2026: इस मामले की अगली सुनवाई होगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कितने छात्र किताबों की कमी से प्रभावित हैं
दिल्ली के सरकारी स्कूलों में कक्षा पहली से आठवीं तक के लगभग 10 लाख छात्र इस देरी की वजह से प्रभावित हुए हैं।
सरकार ने किताबें कब तक देने का वादा किया है
दिल्ली सरकार ने High Court को आश्वासन दिया है कि 9 मई को शुरू होने वाली गर्मियों की छुट्टियों से पहले सभी छात्रों को किताबें मिल जाएंगी।