Delhi: भारत में फुटबॉल प्रेमियों के लिए एक बड़ी खबर आई है। FIFA World Cup 2026 के मैचों को फ्री में दिखाने की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और प्रसार भारती को नोटिस जारी किया है। यह मामला तब उठा जब पता चला
Delhi: भारत में फुटबॉल प्रेमियों के लिए एक बड़ी खबर आई है। FIFA World Cup 2026 के मैचों को फ्री में दिखाने की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और प्रसार भारती को नोटिस जारी किया है। यह मामला तब उठा जब पता चला कि टूर्नामेंट शुरू होने में कम समय बचा है, लेकिन अब तक भारत में किसी भी कंपनी ने इसके मीडिया राइट्स नहीं खरीदे हैं।
फ्री ब्रॉडकास्ट की मांग क्यों की गई है?
अधिवक्ता अवधेश बैरवा ने कोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि FIFA World Cup 2026 को ‘राष्ट्रीय महत्व का खेल आयोजन’ माना गया है। स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग सिग्नल्स एक्ट 2007 के तहत, ऐसी घटनाओं का सीधा प्रसारण प्रसार भारती के जरिए फ्री-टू-एयर प्लेटफॉर्म पर होना चाहिए। याचिकाकर्ता का तर्क है कि अगर यह टूर्नामेंट फ्री में नहीं दिखाया गया, तो यह नागरिकों के सूचना पाने के मौलिक अधिकार का उल्लंघन होगा और इससे भारत में फुटबॉल के विकास पर बुरा असर पड़ेगा।
ब्रॉडकास्टिंग राइट्स को लेकर क्या है विवाद?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, FIFA ने भारत के लिए अपनी मांग 100 मिलियन डॉलर से घटाकर 35 मिलियन डॉलर कर दी थी, फिर भी कोई बड़ी कंपनी आगे नहीं आई। JioStar ने 20 मिलियन डॉलर की बोली लगाई थी जिसे FIFA ने ठुकरा दिया, वहीं Sony ने भी बातचीत की लेकिन कोई ऑफर नहीं दिया। मैचों के समय का भारतीय दर्शकों के लिए अनुकूल न होना और क्रिकेट के दबदबे को इसकी बड़ी वजह माना जा रहा है।
कोर्ट ने अब क्या आदेश दिया है?
जस्टिस पुरुषिंद्र कुमार कौरव ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए इसे जनहित याचिका (PIL) जैसा बताया और संबंधित विभागों से जवाब मांगा है। याचिका में मांग की गई है कि कम से कम ओपनिंग मैच, क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल जैसे मुख्य मुकाबले फ्री प्लेटफॉर्म पर दिखाए जाएं। कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई अगले हफ्ते के लिए तय की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
FIFA World Cup 2026 कब से शुरू होगा?
FIFA World Cup 2026 की तारीखें 11 जून से 19 जुलाई 2026 तक तय की गई हैं।
फ्री ब्रॉडकास्ट के लिए किस कानून का हवाला दिया गया है?
इस याचिका में ‘स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग सिग्नल्स (प्रसार भारती के साथ अनिवार्य साझाकरण) अधिनियम, 2007’ का हवाला दिया गया है, जो राष्ट्रीय महत्व के खेलों को फ्री दिखाने का प्रावधान करता है।