Delhi HC ने Meta और केंद्र सरकार से मांगा जवाब, Instagram क्रिएटर्स से वसूली के लिए कॉपीराइट स्ट्राइक का इस्तेमाल

Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने Meta Platforms और भारत सरकार से एक जनहित याचिका पर जवाब मांगा है। आरोप है कि Instagram पर डिजिटल कंटेंट बनाने वालों को डराने और उनसे पैसे वसूलने के लिए कॉपीराइट स्ट्राइक का गलत इस्तेमाल किया जा

Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने Meta Platforms और भारत सरकार से एक जनहित याचिका पर जवाब मांगा है। आरोप है कि Instagram पर डिजिटल कंटेंट बनाने वालों को डराने और उनसे पैसे वसूलने के लिए कॉपीराइट स्ट्राइक का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। कोर्ट ने इस मामले में याचिकाकर्ता नितिन जोशी को निर्देश दिया है कि वे अपनी शिकायत एक हफ्ते के भीतर Meta को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से भेजें ताकि कंपनी इसकी जांच कर सके।

नितिन जोशी एक कंटेंट क्रिएटर हैं जिनके Instagram पर 16 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। उन्होंने यह याचिका तब दायर की जब स्कैम का खुलासा करने वाला उनका एक वीडियो पूरी दुनिया में ब्लॉक कर दिया गया। उनके अलावा मोहम्मद नवाज शेख, पुष्कर राज ठाकुर और नीरज जोशी जैसे अन्य क्रिएटर्स ने भी दिल्ली हाई कोर्ट में ऐसी ही शिकायतें दर्ज कराई हैं। इस मामले की सुनवाई जस्टिस वी कामेश्वर राव और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की बेंच कर रही है।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि साइबर अपराधी Meta के प्लेटफॉर्म, खासकर फेसबुक के डेस्कटॉप वर्जन की एक कमी का फायदा उठाते हैं। ये लोग पुराने फेसबुक पेज पर कुछ भी अपलोड करते हैं और फिर उसे बदलकर किसी बड़े क्रिएटर के नए वीडियो से बदल देते हैं। इससे ऐसा लगता है कि वीडियो पहले स्कैमर्स ने डाला था। इसके बाद वे Meta के Rights Manager टूल के जरिए असली क्रिएटर पर कॉपीराइट स्ट्राइक कर देते हैं, जिससे उनका अकाउंट सस्पेंड हो जाता है। फिर अकाउंट वापस दिलाने के बदले में मोटी रकम की मांग की जाती है।

कोर्ट में Meta के वकील वरुण पाठक ने माना कि ऑटोमेटेड कॉपीराइट टूल्स पूरी तरह परफेक्ट नहीं हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि इनका इस्तेमाल IT नियमों के तहत कॉपीराइट बचाने के लिए किया जाता है। याचिकाकर्ताओं ने IT रूल्स 2021 के नियम 3(1)(c) और नियम 4 को चुनौती दी है, क्योंकि इनके तहत बिना किसी नोटिस के अकाउंट बंद किए जा सकते हैं।

इस मामले में याचिकाकर्ताओं ने कई मांगें रखी हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • इस पूरे रैकेट की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई जाए।
  • कॉपीराइट शिकायत पर कोई भी बड़ा एक्शन लेने से पहले किसी इंसान द्वारा उसकी समीक्षा की जाए।
  • गलत तरीके से बंद किए गए अकाउंट्स को वापस चालू किया जाए।
  • शिकायत करने वालों की पहचान उजागर की जाए।
  • वसूली के मामलों के लिए एक फास्ट-ट्रैक शिकायत सिस्टम बनाया जाए।

एक अन्य संबंधित मामले में, कोर्ट ने Meta को निर्देश दिया है कि वह मोहम्मद नवाज शेख से वसूली करने वाले लोगों की सब्सक्राइबर जानकारी और IP लॉग्स मुहैया कराए। इस केस की अगली सुनवाई 29 जुलाई 2026 को होगी।