Delhi HC में सोनम वांगचुक को प्राइवेट अस्पताल शिफ्ट करने की अपील पर सुनवाई आज, पत्नी ने कोर्ट में दी चुनौती
Delhi: जलवायु कार्यकर्ता Sonam Wangchuk को सफदरजंग अस्पताल से हटाकर उनके पसंद के प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग पर आज Delhi High Court में सुनवाई होगी। उनकी पत्नी Dr Gitanjali J Angmo ने एक सिंगल जज के उस फैसले
Delhi: जलवायु कार्यकर्ता Sonam Wangchuk को सफदरजंग अस्पताल से हटाकर उनके पसंद के प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग पर आज Delhi High Court में सुनवाई होगी। उनकी पत्नी Dr Gitanjali J Angmo ने एक सिंगल जज के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें वांगचुक को प्राइवेट अस्पताल भेजने से इनकार कर दिया गया था।
पूरा मामला तब शुरू हुआ जब Sonam Wangchuk ने 28 जून 2026 को जंतर मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। करीब 20 दिनों की हड़ताल के बाद, 18 जुलाई 2026 को दिल्ली पुलिस उन्हें जंतर मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले गई। इसके बाद उनकी पत्नी ने उन्हें गुरुग्राम के Medanta Hospital में शिफ्ट करने की मांग की थी, लेकिन 19 जुलाई को कोर्ट के सिंगल जज ने इस मांग को खारिज कर दिया था। जज का कहना था कि सरकार उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले जाने का अधिकार रखती है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है।
अब Dr Gitanjali J Angmo ने इस फैसले के खिलाफ अपील की है। उनकी दलील है कि बिना सहमति के सफदरजंग अस्पताल में रखना उनके मौलिक अधिकारों और शारीरिक स्वायत्तता का उल्लंघन है। याचिका में इसे ‘अवैध हिरासत’ जैसा बताया गया है क्योंकि वांगचुक के खिलाफ गिरफ्तारी का कोई आदेश नहीं है। आज दोपहर करीब 2:30 बजे चीफ जस्टिस D. K. Upadhyaya और जस्टिस तेजस कारिया की बेंच इस मामले की सुनवाई करेगी।
वहीं दूसरी तरफ, Sonam Wangchuk ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक संदेश साझा किया है। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार शिक्षा प्रणाली की कमियों की जिम्मेदारी लेती है या राजनीतिक नेता संसद में उनके मुद्दों को उठाने का भरोसा देते हैं, तो वह 20 जुलाई को अपनी भूख हड़ताल खत्म कर देंगे। इस कानूनी लड़ाई में Dr Gitanjali की ओर से सीनियर एडवोकेट Akhil Sibal और सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल Tushar Mehta पेश होंगे।