Delhi: CJP विरोध प्रदर्शन में विदेशी फंडिंग का आरोप, NIA जांच की मांग पर दिल्ली हाई कोर्ट में होगी सुनवाई

Delhi: जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों और ‘संसद चलो मार्च’ में विदेशी फंडिंग के आरोपों को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। कोर्ट शुक्रवार, 24 जुलाई, 2026 को इस मामले पर सुनव

Delhi: जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों और ‘संसद चलो मार्च’ में विदेशी फंडिंग के आरोपों को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। कोर्ट शुक्रवार, 24 जुलाई, 2026 को इस मामले पर सुनवाई करेगा। याचिका में आरोप लगाया गया है कि इन प्रदर्शनों के पीछे एक बड़ी साजिश है और इसमें बाहरी देशों से पैसा आया है।

यह याचिका अखिल भारत हिंदू महासभा के पूर्व उपाध्यक्ष सतीश कुमार अग्रवाल ने दायर की है, जिनकी ओर से वकील बरुण कुमार सिन्हा पेश होंगे। मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की बेंच इस मामले की सुनवाई करेगी। याचिका में मांग की गई है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) या किसी अन्य विशेष एजेंसी के जरिए 20 जुलाई, 2026 को हुए ‘संसद चलो मार्च’ और CJP के प्रदर्शनों की गहराई से जांच की जाए।

याचिका में कहा गया है कि यह आंदोलन शुरू तो नीट परीक्षा के पेपर लीक को लेकर हुआ था, लेकिन बाद में कुछ राजनीतिक नेताओं और विदेशी फंडिंग वाले संगठनों के जुड़ने से इसका रूप बदल गया। आरोप है कि इस वजह से सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाया गया, पत्रकारों और पुलिसकर्मियों पर हमले हुए और संसद की सुरक्षा तोड़ने की कोशिश की गई।

इस याचिका में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, आतिशी मार्लेना, डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव और चंद्रशेखर आज़ाद जैसे नेताओं के नाम शामिल हैं, जिन पर प्रदर्शन को प्रभावित करने का आरोप है। साथ ही कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का जिक्र करते हुए उन पर विदेशी संगठनों से संबंध रखने का दावा किया गया है।

इन प्रदर्शनों का असर आम जनता पर भी पड़ा, जिसकी वजह से सुरक्षा कारणों से दिल्ली के 16 मेट्रो स्टेशनों को बंद करना पड़ा था। इससे पहले कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग के आरोपों वाली एक दूसरी याचिका पर केंद्र और दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा था और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का आदेश दिया था।