Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने छोटे रेस्तरां चलाने वालों के लिए एक बहुत बड़ा और राहत भरा फैसला सुनाया है। अब उन रेस्तरां को फायर एनओसी (NOC) लेने की जरूरत नहीं होगी, जहां एक समय में 50 से कम लोग बैठते हैं। इस फैसले से लुटियं
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने छोटे रेस्तरां चलाने वालों के लिए एक बहुत बड़ा और राहत भरा फैसला सुनाया है। अब उन रेस्तरां को फायर एनओसी (NOC) लेने की जरूरत नहीं होगी, जहां एक समय में 50 से कम लोग बैठते हैं। इस फैसले से लुटियंस दिल्ली के 40 से ज्यादा और पूरे शहर के हजारों छोटे आउटलेट्स को बड़ी मदद मिलेगी, जो पिछले कई सालों से इस नियम को लेकर परेशान थे।
किन्हें मिलेगी छूट और क्या हैं शर्तें?
कोर्ट ने साफ किया है कि जिन रेस्तरां की बैठने की क्षमता 50 व्यक्ति से कम है, उन्हें सिर्फ फायर एनओसी न होने की वजह से बंद नहीं किया जाएगा। हालांकि, मालिकों को कुछ बातों का ध्यान रखना होगा:
- रेस्तरां में किसी भी समय 50 से ज्यादा मेहमान नहीं होने चाहिए।
- गैर-असेंबली इमारतों के लिए जो अग्नि सुरक्षा नियम हैं, उनका पालन करना होगा।
- अगर किसी रेस्तरां के खिलाफ पहले से कोई कार्रवाई चल रही है, तो उसे 30 दिन का नोटिस देने के बाद ही लागू किया जाएगा।
क्यों हुआ यह विवाद और क्या था नियम?
यह पूरा मामला साल 2020 से चल रहा था। दिल्ली फायर सर्विस ने उन सभी रेस्तरां को नोटिस भेजना शुरू कर दिया था जिनका एरिया 90 वर्ग मीटर से ज्यादा था, चाहे वहां बैठने की जगह कम ही क्यों न हो। लेकिन यूनिफाइड बिल्डिंग बाय-लॉज 2016 के मुताबिक, 50 से कम लोगों की क्षमता वाली जगहों को ‘असेंबली बिल्डिंग’ नहीं माना जाता, इसलिए उनके लिए फायर क्लीयरेंस जरूरी नहीं था।
खान मार्केट और व्यापारियों पर क्या होगा असर?
जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने खान मार्केट को दिल्ली की शान बताते हुए कहा कि पुरानी इमारतों में नए नियमों के हिसाब से इमरजेंसी एग्जिट बनाना मुश्किल है, इसलिए कोर्ट नहीं चाहता कि ये दुकानें बंद हों। खान मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन और नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने इस फैसले का स्वागत किया है। साथ ही, NDMC ने भी ट्रेड लाइसेंस की अनिवार्यता खत्म कर दी है, जिससे अब व्यापार करना पहले से आसान हो जाएगा।