Delhi: राजधानी के तुर्कमान गेट इलाके में स्थित फैज़-ए-इलाही मस्जिद से जुड़ा विवाद अब एक निर्णायक मोड़ पर है। दिल्ली हाई कोर्ट में कल यानी 17 अप्रैल 2026 को इस मामले की अहम सुनवाई होनी है। इस सुनवाई को लेकर कानूनी जानकारो
Delhi: राजधानी के तुर्कमान गेट इलाके में स्थित फैज़-ए-इलाही मस्जिद से जुड़ा विवाद अब एक निर्णायक मोड़ पर है। दिल्ली हाई कोर्ट में कल यानी 17 अप्रैल 2026 को इस मामले की अहम सुनवाई होनी है। इस सुनवाई को लेकर कानूनी जानकारों के साथ-साथ आम लोगों में भी काफी उत्सुकता है क्योंकि कोर्ट का फैसला इस विवाद की दिशा तय करेगा।
सुनवाई की तारीखें और कोर्ट का क्या है मामला
इस मामले में दो मुख्य तारीखें तय की गई हैं। सबसे पहले 17 अप्रैल 2026 को जस्टिस उपाध्याय की बेंच इस केस की सुनवाई करेगी। इसके बाद 22 अप्रैल 2026 को अगली सुनवाई होगी, जिसमें मुख्य रूप से उस याचिका पर बात होगी जिसमें MCD के अतिक्रमण हटाने के आदेश को चुनौती दी गई है। कोर्ट यह देखेगा कि जमीन के मालिकाना हक के कागजात सही हैं या नहीं।
MCD का आदेश और विवाद की मुख्य वजह क्या है
यह पूरा विवाद जमीन के कब्जे और मालिकाना हक को लेकर है। MCD ने 22 दिसंबर 2025 को एक आदेश जारी किया था, जिसमें 0.195 एकड़ से ज्यादा जमीन पर बनी सभी गैर-कानूनी संरचनाओं को गिराने का निर्देश दिया गया था। MCD का कहना है कि मस्जिद समिति या दिल्ली वक्फ बोर्ड ने इस अतिरिक्त जमीन के मालिकाना हक का कोई पुख्ता सबूत नहीं दिया है।
मामले से जुड़ी जरूरी जानकारी एक नजर में
| मुख्य विवरण |
जानकारी |
| 1940 की लीज डीड |
मस्जिद, हुजरा और कब्रिस्तान के लिए 0.195 एकड़ जमीन |
| MCD का एक्शन |
6-7 जनवरी 2026 को अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया |
| पुलिस कार्रवाई |
हिंसा के मामले में 13 लोग गिरफ्तार, धारा 109 के आरोप लगे |
| हाईकोर्ट की टिप्पणी |
अतिक्रमण हटाना एक सरल मुद्दा है, भावनाओं को नहीं बढ़ाना चाहिए |
| मुख्य याचिकाकर्ता |
मस्जिद सैयद फैज़-ए-इलाही की प्रबंध समिति |
| प्रतिवादी एजेंसियां |
MCD, दिल्ली वक्फ बोर्ड, L&DO, DDA और PWD |