Delhi में चुनाव ड्यूटी के दबाव से महिला टीचर की मौत, हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को दिए निर्देश

Delhi: दिल्ली के एक सरकारी स्कूल की शिक्षिका की मौत के बाद अब दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनाव ड्यूटी को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को साफ कहा है कि चुनाव के कामों के दौरान शिक्षकों पर ऐसा बोझ नही

Delhi: दिल्ली के एक सरकारी स्कूल की शिक्षिका की मौत के बाद अब दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनाव ड्यूटी को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को साफ कहा है कि चुनाव के कामों के दौरान शिक्षकों पर ऐसा बोझ नहीं डाला जाना चाहिए जो उनके लिए असहनीय हो जाए। यह मामला उस समय गरमाया जब एक महिला टीचर की काम के दबाव और मानसिक तनाव के कारण जान चली गई।

घटना 22 जुलाई 2026 की है, जब MCD के प्राथमिक विद्यालय की 51 वर्षीय शिक्षिका सुमन लता की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। सुमन लता को बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की ड्यूटी सौंपी गई थी। उनके परिवार का आरोप है कि स्कूल की पढ़ाई और बीएलओ की जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश में वह बहुत ज्यादा तनाव में थीं, जिससे उनकी सेहत बिगड़ी और उनकी जान चली गई।

इस मामले पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कार्या की बेंच ने कहा कि चुनाव आयोग को शिक्षकों को ड्यूटी पर लगाने का अधिकार है, लेकिन बच्चों के शिक्षा के अधिकार (RTE Act) को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने चिंता जताई कि अगर कोई शिक्षक स्कूल में 6 से 8 घंटे काम करने के बाद 5 घंटे की चुनाव ड्यूटी करता है, तो वह कुल 11 घंटे काम करेगा। यह स्थिति खासकर महिला शिक्षकों के लिए उनकी पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण और भी मुश्किल हो जाती है।

अदालत ने चुनाव आयोग द्वारा भेजे गए कुछ पत्रों की भाषा को भी ‘धमकी भरा’ बताया। वहीं, चुनाव आयोग ने कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि शिक्षकों को केवल स्कूल के घंटों के बाद या छुट्टियों में ही 4-5 घंटे के लिए लगाया जा रहा है और यह सुप्रीम कोर्ट के नियमों के अनुसार ही हो रहा है।

हाईकोर्ट ने अब निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया है कि वह पूरी प्रक्रिया को मानवीय बनाए और शिक्षकों के मानसिक तनाव को कम करने के लिए जरूरी कदम उठाए। इस मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त को होगी, जिसमें याचिकाकर्ताओं को यह साबित करना होगा कि शिक्षकों को स्कूल के समय के दौरान ही चुनाव ड्यूटी में लगाया जा रहा है।