Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने दहेज के मामलों में एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने साफ कहा है कि अगर किसी महिला को दहेज में छोटी कार या कम सोना लाने के लिए बार-बार ताने दिए जाते हैं, तो इसे क्रूरता माना जाएगा। कोर्ट ने एक म
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने दहेज के मामलों में एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने साफ कहा है कि अगर किसी महिला को दहेज में छोटी कार या कम सोना लाने के लिए बार-बार ताने दिए जाते हैं, तो इसे क्रूरता माना जाएगा। कोर्ट ने एक मामले में पति के खिलाफ धारा 498A के तहत मुकदमा चलाने का निर्देश दिया है।
क्या था पूरा मामला और कोर्ट की टिप्पणी
यह मामला साल 2022 का है जब एक महिला की शादी के एक साल के भीतर ही उसकी मौत हो गई थी। महिला की छत से गिरने की घटना हुई थी और उसके पिता ने आरोप लगाया था कि दहेज के लिए उसे परेशान किया गया। जस्टिस Swarana Kanta Sharma ने कहा कि ‘छोटी गाड़ी’ और ‘कम सोने’ जैसी बातें मामूली टिप्पणी नहीं हैं, बल्कि ये दहेज की मांग और प्रताड़ना की ओर इशारा करती हैं। कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के उस फैसले को पलट दिया जिसमें पति को बरी कर दिया गया था।
किन धाराओं के तहत चलेगा केस
अदालत ने पति पर IPC की धारा 498A के तहत क्रूरता का केस चलाने को कहा है। हालांकि, कोर्ट ने धारा 304B (दहेज हत्या) के तहत आरोप लगाने से इनकार कर दिया। इसका कारण यह था कि सबूतों से यह साफ नहीं हो पाया कि मौत से ठीक पहले महिला को दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया था। इस सुनवाई के दौरान सरकारी वकील Naresh Kumar Chahar ने राज्य की पैरवी की।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली हाई कोर्ट ने दहेज के तानों पर क्या फैसला दिया?
कोर्ट ने कहा कि दहेज में छोटी कार और कम सोने के लिए महिला को बार-बार ताने मारना धारा 498A के तहत क्रूरता माना जाएगा और इस आधार पर पति पर मुकदमा चलाया जा सकता है।
क्या इस मामले में दहेज हत्या (Section 304B) का केस चलेगा?
नहीं, हाई कोर्ट ने धारा 304B के तहत आरोप लगाने से मना कर दिया क्योंकि इस बात के पुख्ता सबूत नहीं थे कि प्रताड़ना महिला की मौत से ठीक पहले हुई थी।