Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने 2020 के दंगों की बड़ी साजिश के मामले में पूर्व कांग्रेस पार्षद Ishrat Jahan की जमानत को लेकर दिल्ली पुलिस की अपील को खारिज कर दिया है। जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर dudeja की बेंच ने शुक्र
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने 2020 के दंगों की बड़ी साजिश के मामले में पूर्व कांग्रेस पार्षद Ishrat Jahan की जमानत को लेकर दिल्ली पुलिस की अपील को खारिज कर दिया है। जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर dudeja की बेंच ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने साफ किया कि वह निचली अदालत द्वारा दी गई जमानत में दखल नहीं देगा।
कोर्ट ने जमानत बरकरार रखने का क्या कारण बताया?
हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि Ishrat Jahan को जमानत मिले हुए चार साल से ज्यादा का समय बीत चुका है। इस दौरान उन्होंने जमानत की किसी भी शर्त का उल्लंघन नहीं किया है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस मामले के गुणों (merits) पर कोई राय नहीं दे रहा है, बल्कि सिर्फ जमानत की प्रक्रिया पर विचार कर रहा है।
दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में क्या दलीलें दी थीं?
Delhi Police ने तर्क दिया था कि निचली अदालत का जमानत देने का फैसला कानून के खिलाफ था। पुलिस का कहना था कि इशरत जहां ने हिंसा भड़काने की साजिश रची थी और चक्का-जाम करना एक आतंकवादी कृत्य था। पुलिस के मुताबिक, अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर हिंसा को बढ़ावा देना गलत है और कोर्ट ने UAPA कानून के प्रावधानों को नजरअंदाज किया है।
केस से जुड़ी जरूरी जानकारियां
| विवरण |
जानकारी |
| गिरफ्तारी |
फरवरी/मार्च 2020 |
| निचली अदालत से जमानत |
14 मार्च 2022 (कड़कडूमा कोर्ट) |
| हाई कोर्ट का फैसला |
24 अप्रैल 2026 |
| मुख्य आरोप |
दंगों की साजिश और हिंसा भड़काना |
| वर्तमान स्थिति |
ट्रायल जारी है, जनवरी 2024 में आरोप तय हुए |