Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के खिलाफ दायर एक जनहित याचिका (PIL) को खारिज कर दिया है। इस याचिका में चुनाव आयोग (ECI) से पार्टी का रजिस्ट्रेशन रद्द करने और अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के खिलाफ दायर एक जनहित याचिका (PIL) को खारिज कर दिया है। इस याचिका में चुनाव आयोग (ECI) से पार्टी का रजिस्ट्रेशन रद्द करने और अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक को चुनाव लड़ने से रोकने की मांग की गई थी। कोर्ट ने इस याचिका को पूरी तरह गलत ठहराया है।
कोर्ट ने AAP के रजिस्ट्रेशन पर क्या कहा?
चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने इस याचिका को ‘बेहद गलत’ बताया। कोर्ट ने साफ किया कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम (Representation of the People Act) में ऐसा कोई नियम नहीं है जो चुनाव आयोग को इन आधारों पर किसी राजनीतिक दल का रजिस्ट्रेशन रद्द करने की शक्ति देता हो। कोर्ट ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग अपने पुराने रजिस्ट्रेशन ऑर्डर की समीक्षा नहीं कर सकता।
क्या नेताओं पर चल रही अवमानना की कार्रवाई से पार्टी पर असर पड़ेगा?
कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ कोर्ट की अवमानना (Contempt) की कार्रवाई चल रही है, तो उसकी वजह से पूरी राजनीतिक पार्टी का रजिस्ट्रेशन रद्द नहीं किया जा सकता। अगर किसी व्यक्ति ने न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुंचाई है, तो उसके लिए ‘कोर्ट ऑफ कॉन्टेम्पट्स एक्ट’ के तहत कार्रवाई होगी और उसकी सजा या जुर्माना उसी व्यक्ति को भुगतना होगा, न कि पूरी पार्टी को।
केजरीवाल और अन्य नेताओं पर क्या है मामला?
इस मामले से अलग, दिल्ली हाई कोर्ट ने 19 मई 2026 को अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक को एक आपराधिक अवमानना मामले में नोटिस जारी किया है। यह मामला जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ कथित अपमानजनक सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा है। इन नेताओं को अपना जवाब दाखिल करने के लिए चार हफ्ते का समय दिया गया है और अगली सुनवाई 4 अगस्त को होगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या AAP का रजिस्ट्रेशन रद्द हो गया है?
नहीं, दिल्ली हाई कोर्ट ने AAP का रजिस्ट्रेशन रद्द करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है, जिससे पार्टी को बड़ी राहत मिली है।
अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया पर अवमानना का मामला क्यों है?
उन पर जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ अपमानजनक सोशल मीडिया पोस्ट करने का आरोप है, जिसके लिए कोर्ट ने उन्हें नोटिस जारी किया है और अगली सुनवाई 4 अगस्त को है।