Delhi: दिल्ली हाईकोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए निजी स्कूलों में काम करने वाली महिला शिक्षकों को Child Care Leave (CCL) का अधिकार दे दिया है. अब तक यह सुविधा सिर्फ सरकारी स्कूलों की महिला टीचरों को मिलती थी, लेकिन अब
Delhi: दिल्ली हाईकोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए निजी स्कूलों में काम करने वाली महिला शिक्षकों को Child Care Leave (CCL) का अधिकार दे दिया है. अब तक यह सुविधा सिर्फ सरकारी स्कूलों की महिला टीचरों को मिलती थी, लेकिन अब प्राइवेट स्कूलों की टीचरों को भी यह लाभ मिलेगा. अदालत ने इसे महिला शिक्षकों के समानता के मौलिक अधिकार का हिस्सा माना है.
निजी स्कूलों की महिला टीचरों को यह अधिकार कैसे मिला?
यह पूरा मामला भारती पब्लिक स्कूल की शिक्षिका संगीता नेगी की मांग से शुरू हुआ, जिनकी CCL की अर्जी खारिज कर दी गई थी. दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने कहा कि प्राइवेट स्कूल के शिक्षकों को इस छुट्टी से वंचित रखना उनके अधिकारों का उल्लंघन है. कोर्ट ने दिल्ली स्कूल शिक्षा नियम, 1973 के नियम 111 और दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम की धारा 10 का हवाला देते हुए यह आदेश दिया.
कितनी छुट्टी मिलेगी और क्या हैं नियम?
अदालत ने सेंट्रल सिविल सर्विसेज (लीव) रूल्स, 1972 का जिक्र किया है, जिसके तहत केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को 730 दिनों की Child Care Leave मिलती है. अब मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों, चाहे वे सहायता प्राप्त हों या गैर-सहायता प्राप्त, उन्हें अपने कर्मचारियों को सरकारी स्कूलों के बराबर ही अवकाश लाभ देना होगा. कोर्ट ने साफ किया कि यह छुट्टी केवल एक सुविधा नहीं है, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य और परिवार के कल्याण के लिए जरूरी व्यवस्था है.
इस फैसले का महिला शिक्षकों पर क्या असर होगा?
अदालत ने माना कि बच्चों का सही विकास और परिवार के साथ समय बिताना संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन और गरिमा का अधिकार) से जुड़ा है. शिक्षा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि इस फैसले से प्राइवेट स्कूलों में महिला कर्मचारियों के लिए काम का माहौल बेहतर होगा. अब महिला टीचर अपनी प्रोफेशनल जिम्मेदारियों के साथ-साथ अपने बच्चों की देखभाल भी बेहतर तरीके से कर पाएंगी.
Frequently Asked Questions (FAQs)
प्राइवेट स्कूलों की महिला टीचरों को कितनी Child Care Leave मिल सकती है?
अदालत ने सेंट्रल सिविल सर्विसेज (लीव) रूल्स, 1972 का हवाला दिया है, जिसके तहत केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को 730 दिनों की चाइल्ड केयर लीव मिलती है, और अब यही लाभ निजी स्कूल की महिला शिक्षकों को भी मिलेगा.
यह फैसला किस कानूनी आधार पर लिया गया है?
यह निर्णय दिल्ली स्कूल शिक्षा नियम, 1973 के नियम 111 और दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम की धारा 10 पर आधारित है, जो निजी स्कूल कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारियों के बराबर अवकाश लाभ देने की बात करता है.