UAE, कुवैत और ऑस्ट्रेलिया में पासपोर्ट रिन्यूअल में हो सकती है देरी, दिल्ली हाई कोर्ट ने टेंडर प्रक्रिया को किया रद्द
World: UAE, कुवैत, सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय नागरिकों को अब अपने पासपोर्ट रिन्यूअल और अन्य दूतावास सेवाओं के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। दिल्ली हाई कोर्ट ने इन देशों में आउटसोर्स की गई काउंसलर से
World: UAE, कुवैत, सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय नागरिकों को अब अपने पासपोर्ट रिन्यूअल और अन्य दूतावास सेवाओं के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। दिल्ली हाई कोर्ट ने इन देशों में आउटसोर्स की गई काउंसलर सेवाओं की टेंडर प्रक्रिया में खामियां पाई हैं, जिसके बाद कोर्ट ने इस पूरी प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने का आदेश दिया है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार, 15 जुलाई 2026 को अपना फैसला सुनाते हुए काउंसलर, पासपोर्ट और वीजा (CPV) सेवाओं के तकनीकी मूल्यांकन को रद्द कर दिया। कोर्ट ने पाया कि टेंडर की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी थी और यह मनमाना तरीका अपनाया गया था, जो सरकारी खरीद के नियमों के खिलाफ था। यह फैसला उन कंपनियों की याचिका पर आया है जिन्हें टेंडर प्रक्रिया में तकनीकी आधार पर बाहर कर दिया गया था। कोर्ट ने अब विदेश मंत्रालय (MEA) और संबंधित भारतीय दूतावासों को निर्देश दिया है कि वे एक महीने के भीतर नए सिरे से RFP (Request for Proposal) जारी करें और इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करें।
इस कानूनी विवाद के कारण Alhind Tours & Travels LLC को दिया गया कॉन्ट्रैक्ट रद्द हो गया है, जिसे 1 जुलाई 2026 से सेवाएं शुरू करनी थीं। फिलहाल, आम लोगों को होने वाली परेशानी को कम करने के लिए कोर्ट ने आदेश दिया है कि जब तक नया टेंडर पूरा नहीं हो जाता, तब तक पुराने सर्विस प्रोवाइडर ही काम संभालते रहेंगे। इसमें BLS International, SGIVS Global Services, IVS Global Services, VFS Global और Du Digital Global Ltd जैसी कंपनियां शामिल हैं।
यूएई में रहने वाले भारतीयों के लिए स्थिति यह है कि 1 जुलाई से अबू धाबी में भारतीय दूतावास और दुबई में काउंसलेट जनरल सीधे अपने परिसर से पासपोर्ट और वीजा सेवाएं दे रहे थे। अब कोर्ट के आदेश के बाद यह तय किया जाएगा कि अंतरिम अवधि में सेवाओं का प्रबंधन कैसे होगा। वहीं, प्रवासी भारतीय समुदाय ने इस स्थिति पर चिंता जताई है। लोगों की मांग है कि पासपोर्ट डिलीवरी की प्रक्रिया को तेज किया जाए और हाल ही में पासपोर्ट फीस में की गई बढ़ोतरी को वापस लिया जाए ताकि आम आदमी पर बोझ कम हो सके।