Delhi: दिल्ली हाईकोर्ट ने यमुना नदी के सुर घाट इलाके में पर्यावरण को बचाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। कोर्ट ने इस संवेदनशील क्षेत्र में पार्किंग समेत सभी तरह की व्यावसायिक और धार्मिक गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
Delhi: दिल्ली हाईकोर्ट ने यमुना नदी के सुर घाट इलाके में पर्यावरण को बचाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। कोर्ट ने इस संवेदनशील क्षेत्र में पार्किंग समेत सभी तरह की व्यावसायिक और धार्मिक गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगा दी है। जस्टिस जसमीत सिंह की एकल-पीठ ने 12 मई 2026 को यह आदेश जारी किया ताकि नदी के इकोसिस्टम को नुकसान न पहुंचे।
यमुना के ‘जोन-ओ’ क्षेत्र में अब क्या नहीं होगा?
कोर्ट ने साफ कर दिया है कि यमुना के बाढ़ क्षेत्र यानी ‘जोन-ओ’ में किसी भी तरह की कमर्शियल एक्टिविटी नहीं चलेगी। इसमें गाड़ियों की पार्किंग भी शामिल है। अदालत ने कहा कि चाहे लोग किसी शुभ मौके पर नदी को श्रद्धांजलि देने आ रहे हों, फिर भी बाढ़ क्षेत्र के अंदर पार्किंग की अनुमति नहीं दी जाएगी। डीडीए को निर्देश दिया गया है कि वह इस इलाके की सख्त निगरानी करे ताकि कोई भी अस्थायी दुकान या अतिक्रमण न हो सके।
श्रद्धालुओं के लिए क्या होगी व्यवस्था?
हाईकोर्ट ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) को आदेश दिया है कि अगर श्रद्धालुओं को पार्किंग की जरूरत है, तो उसके लिए यमुना के बाढ़ क्षेत्र से दूर किसी वैकल्पिक जगह पर इंतजाम किए जाएं। यह कदम क्षेत्र की पारिस्थितिक संवेदनशीलता को देखते हुए उठाया गया है। कोर्ट ने पर्यावरण संरक्षण को सबसे ऊपर रखा है और डीडीए को इस आदेश को पूरी तरह लागू करने की जिम्मेदारी सौंपी है।
सुरेश कुमार की याचिका क्यों हुई खारिज?
इस मामले में याचिकाकर्ता सुरेश कुमार ने पार्किंग स्थल के कब्जे को बहाल करने की मांग की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। कोर्ट को पता चला कि एमसीडी ने याचिकाकर्ता को डीडीए से मिली जमीन से ज्यादा हिस्सा आवंटित कर दिया था। चूंकि यह पूरा इलाका ‘जोन-ओ’ में आता है जहां व्यावसायिक काम प्रतिबंधित हैं, इसलिए कोर्ट ने इस याचिका को सुनने से इनकार कर दिया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यमुना के सुर घाट पर किन चीजों पर रोक लगाई गई है?
दिल्ली हाईकोर्ट ने सुर घाट के बाढ़ क्षेत्र (जोन-ओ) में पार्किंग, व्यावसायिक गतिविधियों और सभी प्रकार की धार्मिक गतिविधियों पर रोक लगा दी है।
पार्किंग के लिए अब क्या इंतजाम होंगे?
कोर्ट के आदेशानुसार, डीडीए को यमुना के बाढ़ क्षेत्र से बाहर किसी अन्य वैकल्पिक स्थान पर पार्किंग की व्यवस्था करनी होगी।