Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने यमुना के डूब क्षेत्र (floodplains) को बचाने के लिए एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने Delhi Development Authority (DDA) को साफ निर्देश दिया है कि अब यमुना के तटों पर किसी भी तरह की पार्किंग या व
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने यमुना के डूब क्षेत्र (floodplains) को बचाने के लिए एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने Delhi Development Authority (DDA) को साफ निर्देश दिया है कि अब यमुना के तटों पर किसी भी तरह की पार्किंग या व्यावसायिक गतिविधि की अनुमति नहीं दी जाएगी। जस्टिस जसमीत सिंह ने कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा के लिए इस इलाके में कमर्शियल और धार्मिक गतिविधियों पर रोक लगाना जरूरी है।
यमुना के सुर घाट पर क्या होगा बदलाव
कोर्ट ने खास तौर पर सुर घाट के इलाके का जिक्र करते हुए कहा कि यह क्षेत्र पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील है और Zone-O के तहत आता है। अगर खास मौकों पर श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग की जरूरत पड़ती है, तो DDA को यमुना के डूब क्षेत्र से दूर किसी दूसरी जगह वैकल्पिक पार्किंग की सुविधा बनानी होगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि नदी के संवेदनशील जोन को कोई नुकसान न पहुंचे।
अतिक्रमण हटाने और जुर्माने की क्या है स्थिति
यमुना के किनारों को साफ करने का काम तेजी से चल रहा है। हाल ही में 10 मई 2026 को यमुना बाजार घाट के पास 52 अवैध कब्जाधारियों को नोटिस दिए गए थे। इससे पहले 7 मई को करीब 300 परिवारों को 15 दिन के भीतर जगह खाली करने का आदेश मिला था। आंकड़ों के मुताबिक, DDA ने मई 2022 से फरवरी 2026 के बीच अतिक्रमण हटाकर 1,426.6 एकड़ जमीन वापस ली है।
नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई और सरकारी रिपोर्ट
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने पहले ही डूब क्षेत्र में कचरा या मलबा फेंकने पर रोक लगाई है और उल्लंघन करने वालों पर 50,000 रुपये से शुरू होने वाला जुर्माना तय किया है। हालांकि, दिल्ली सरकार की अप्रैल 2026 की रिपोर्ट बताती है कि पिछले आठ सालों में नियमों का उल्लंघन करने वालों से कुल 8.51 करोड़ रुपये के जुर्माने में से केवल 1.55 करोड़ रुपये (18.2%) ही वसूल किए जा सके हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यमुना के डूब क्षेत्र में पार्किंग के लिए क्या विकल्प दिया गया है
कोर्ट ने DDA को निर्देश दिया है कि श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग की व्यवस्था यमुना के संवेदनशील इकोलॉजिकल जोन से दूर किसी वैकल्पिक स्थान पर की जाए।
अवैध कब्जे हटाने के लिए हाल ही में क्या कदम उठाए गए
10 मई 2026 को यमुना बाजार घाट के पास 52 लोगों को और 7 मई को लगभग 300 परिवारों को इलाका खाली करने के नोटिस जारी किए गए थे।