Delhi में सरकारी अस्पतालों के डिजिटल सिस्टम पर हाई कोर्ट सख्त, सरकार से मांगा लाइव डेमो
Delhi: दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं और डिजिटल सिस्टम की जमीनी हकीकत जानने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने दिल्ली सरकार से ई-हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (HMIS) और ICU
Delhi: दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं और डिजिटल सिस्टम की जमीनी हकीकत जानने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने दिल्ली सरकार से ई-हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (HMIS) और ICU बेड की जानकारी देने वाले मोबाइल ऐप का लाइव डेमो दिखाने को कहा है। यह आदेश सरकारी अस्पतालों के कामकाज को लेकर दायर जनहित याचिकाओं की सुनवाई के दौरान दिया गया।
न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह और न्यायमूर्ति मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की खंडपीठ ने सरकार के उन दावों की जांच करने का फैसला किया है, जिनमें कहा गया है कि डिजिटल हेल्थकेयर सिस्टम पूरी तरह लागू हो चुका है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि जिन 38 अस्पतालों में यह सिस्टम लगा है, उनमें से कम से कम दो सक्षम अधिकारी सुनवाई में मौजूद रहें ताकि सिस्टम की कमियों को समझा जा सके। मामले की अगली सुनवाई 3 जुलाई, 2026 को होगी।
सुनवाई के दौरान दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट (DSCI) की हालत पर भी चर्चा हुई। कोर्ट ने इस बात पर चिंता जताई कि संस्थान में महंगे और आधुनिक मेडिकल उपकरण मौजूद तो हैं, लेकिन उन्हें चलाने के लिए ट्रेंड स्टाफ नहीं है, जिसकी वजह से मशीनें बेकार पड़ी हैं।
दूसरी तरफ, दिल्ली सरकार ने कोर्ट में हलफनामा देकर बताया कि NextGen e-Hospital Management Information System (HMIS) को 38 सरकारी अस्पतालों में चालू कर दिया गया है। सरकार के मुताबिक, इसमें ओपीडी, आईपीडी, लैब, रेडियोलॉजी और मेडिकल रिकॉर्ड जैसे 14 डिजिटल मॉड्यूल काम कर रहे हैं। साथ ही, सरकार ने दावा किया कि ‘दिल्ली आईसीयू बेड सारथी’ ऐप के जरिए ICU बेड की रियल-टाइम जानकारी मिलती है, जिसे अभी और बेहतर बनाया जा रहा है।