Delhi: आम आदमी पार्टी के प्रमुख Arvind Kejriwal ने दिल्ली हाई कोर्ट में एक नया हलफनामा पेश किया है। गुरुवार को जस्टिस Swarana Kanta Sharma के सामने पेश होकर उन्होंने इस हलफनामे को रिकॉर्ड पर लेने की मांग की, जिसे कोर्ट न
Delhi: आम आदमी पार्टी के प्रमुख Arvind Kejriwal ने दिल्ली हाई कोर्ट में एक नया हलफनामा पेश किया है। गुरुवार को जस्टिस Swarana Kanta Sharma के सामने पेश होकर उन्होंने इस हलफनामे को रिकॉर्ड पर लेने की मांग की, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। यह पूरा मामला एक्साइज पॉलिसी से जुड़ा है, जिसमें अब जज की निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े किए गए हैं।
Kejriwal ने हलफनामे में क्या आरोप लगाए हैं?
Arvind Kejriwal ने 14 अप्रैल 2026 को दाखिल किए गए अपने हलफनामे में हितों के टकराव (Conflict of Interest) का मुद्दा उठाया है। उन्होंने दावा किया कि जस्टिस Swarana Kanta Sharma के बेटे और बेटी केंद्र सरकार के कानूनी वकील के तौर पर पैनल में शामिल हैं। उन्हें सॉलिसिटर जनरल के जरिए काम मिलता है, जो इसी मामले में CBI का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। केजरीवाल का कहना है कि इससे कोर्ट की तटस्थता पर असर पड़ सकता है और पक्षपात की आशंका पैदा होती है।
कोर्ट की कार्यवाही और अन्य आपत्तियां क्या रहीं?
केजरीवाल ने कुछ कानूनी प्रक्रियाओं पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें अपना जवाब (rejoinder) पेश करने का पूरा मौका नहीं मिला। साथ ही, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कोर्ट के समय के बाद भी सुनवाई जारी रही, जबकि उन्हें जाने की अनुमति मिल चुकी थी। हालांकि, जस्टिस Swarana Kanta Sharma ने साफ कर दिया कि हलफनामा रिकॉर्ड पर ले लिया गया है, लेकिन जिस मामले में फैसला सुरक्षित रखा गया है, उसे दोबारा नहीं खोला जाएगा।
सोशल मीडिया से वीडियो हटाने का आदेश क्यों आया?
इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल Arun Bhardwaj ने एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से Arvind Kejriwal की कोर्ट उपस्थिति के वीडियो रिकॉर्डिंग हटाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि यह ‘इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस एंड वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूल्स, 2025’ का उल्लंघन है, इसलिए इन वीडियो को हटाना जरूरी है।