Delhi: दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के माता-पिता के लिए एक बड़ी खबर आई है। Delhi High Court ने प्राइवेट अनएडेड स्कूलों को बिना सरकारी मंजूरी के फीस बढ़ाने की अनुमति दे दी है। कोर्ट के इस फैसले के बाद
Delhi: दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के माता-पिता के लिए एक बड़ी खबर आई है। Delhi High Court ने प्राइवेट अनएडेड स्कूलों को बिना सरकारी मंजूरी के फीस बढ़ाने की अनुमति दे दी है। कोर्ट के इस फैसले के बाद पेरेंट्स में काफी गुस्सा है और वे अब विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे हैं।
फीस कब से बढ़ेगी और क्या है कोर्ट का फैसला?
Justice Anup Jairam Bhambhani ने अपने फैसले में कहा कि प्राइवेट स्कूल अप्रैल 2027 से शुरू होने वाले नए एकेडमिक सेशन से फीस बढ़ा सकते हैं। इसके लिए उन्हें Directorate of Education (DoE) से पहले अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, कोर्ट ने साफ किया है कि स्कूल पुराने समय का बकाया (arrears) नहीं मांग सकते, ताकि पेरेंट्स पर अचानक बोझ न पड़े।
स्कूलों और सरकार के बीच क्या था विवाद?
DPS Vasant Kunj समेत 100 से ज्यादा स्कूलों ने DoE के उन आदेशों को चुनौती दी थी, जिनमें फीस बढ़ाने के प्रस्तावों को खारिज कर दिया गया था। स्कूलों का कहना था कि इससे उनकी आर्थिक आजादी और विकास पर असर पड़ रहा है। कोर्ट ने माना कि DoE स्कूलों के वित्तीय मामलों को ‘माइक्रो-मैनेज’ नहीं कर सकता। अब स्कूलों को बस अपना प्रस्तावित फीस स्ट्रक्चर सेशन शुरू होने से पहले DoE को जमा करना होगा।
पेरेंट्स क्यों हैं नाराज और क्या होगा असर?
Delhi Parents’ Association की प्रेसिडेंट Aparajita Rai और अन्य अभिभावकों का कहना है कि यह फैसला उनके लिए एक बड़ा झटका है। उन्हें डर है कि अब स्कूलों के पास फीस बढ़ाने की खुली छूट होगी और रेगुलेशन कमजोर हो जाएगा। पेरेंट्स का आरोप है कि DoE ने कोर्ट में उनकी चिंताओं को मजबूती से नहीं रखा। अब अभिभावक इस फैसले को कानूनी रूप से चुनौती देने और सड़कों पर उतरकर विरोध करने की योजना बना रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या स्कूल अभी से फीस बढ़ा सकते हैं?
नहीं, कोर्ट के आदेश के मुताबिक फीस में बढ़ोतरी केवल अप्रैल 2027 से शुरू होने वाले नए एकेडमिक सेशन से लागू होगी।
क्या स्कूल पुराना बकाया पैसा मांग सकते हैं?
नहीं, कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि स्कूल पिछले सत्रों का कोई भी बकाया शुल्क (arrears) नहीं वसूल सकते हैं।