Delhi में 15 साल की दुष्कर्म पीड़िता को 26 हफ्ते की गर्भावस्था खत्म करने की अनुमति, AIIMS उठाएगा खर्च

Delhi: दिल्ली हाईकोर्ट ने एक बहुत ही संवेदनशील मामले में फैसला सुनाते हुए 15 साल की नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता को 26 हफ्ते से ज्यादा की गर्भावस्था खत्म करने की इजाजत दे दी है। कोर्ट ने इस पूरी प्रक्रिया का खर्च ऑल इंडिया इ

Delhi: दिल्ली हाईकोर्ट ने एक बहुत ही संवेदनशील मामले में फैसला सुनाते हुए 15 साल की नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता को 26 हफ्ते से ज्यादा की गर्भावस्था खत्म करने की इजाजत दे दी है। कोर्ट ने इस पूरी प्रक्रिया का खर्च ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) को उठाने का निर्देश दिया है। यह आदेश पीड़िता के पिता द्वारा दायर की गई एक याचिका पर सुनवाई के बाद आया है।

जस्टिस मिनी पुष्करणा की अवकाशकालीन पीठ ने यह फैसला AIIMS के मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट को देखने के बाद लिया। मेडिकल बोर्ड ने 19 जून, 2026 को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें पीड़िता को इस प्रक्रिया के लिए चिकित्सकीय रूप से फिट बताया गया था और गर्भावस्था समाप्त करने की सलाह दी गई थी। अदालत ने माना कि अगर गर्भावस्था जारी रहती है, तो नाबालिग लड़की को गंभीर मानसिक सदमा पहुँच सकता है। दिल्ली सरकार की तरफ से स्टैंडिंग काउंसिल संजय लाओ ने भी कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार को इस अनुरोध पर कोई आपत्ति नहीं है।

कोर्ट ने इस मामले में कुछ जरूरी शर्तें भी रखी हैं। AIIMS को निर्देश दिया गया है कि समाप्त किए गए भ्रूण को DNA टेस्ट के लिए सुरक्षित रखा जाए, क्योंकि आगे चलकर आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई में इसकी जरूरत पड़ सकती है। साथ ही, कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर प्रक्रिया के दौरान भ्रूण जीवित पैदा होता है, तो उसे तुरंत जरूरी इलाज दिया जाए और अधिकारियों को उसे गोद दिलाने के लिए उचित कदम उठाने चाहिए। नियमों के मुताबिक, नाबालिग दुष्कर्म पीड़ितों के ऐसे मामलों में गर्भावस्था खत्म करने के लिए न्यायिक आदेश लेना जरूरी होता है।