Delhi : राजधानी दिल्ली में हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन एक बड़ी समस्या बन गया है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में एक करोड़ से ज्यादा लोगों का ब्लड प्रेशर सामान्य से अधिक है। इसका मतलब है कि शहर का हर तीसरा वयस्क इ
Delhi : राजधानी दिल्ली में हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन एक बड़ी समस्या बन गया है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में एक करोड़ से ज्यादा लोगों का ब्लड प्रेशर सामान्य से अधिक है। इसका मतलब है कि शहर का हर तीसरा वयस्क इस बीमारी से जूझ रहा है। मोबाइल फोन का ज्यादा इस्तेमाल और तनाव युवाओं को भी इसकी चपेट में ला रहा है।
युवाओं में क्यों बढ़ रहा है हाई ब्लड प्रेशर?
विशेषज्ञों के अनुसार, 18 से 35 साल के युवाओं में प्री-हाइपरटेंशन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसका मुख्य कारण डिजिटल स्क्रीन और इंटरनेट मीडिया का बढ़ता उपयोग है। देर रात तक फोन चलाने से नींद पूरी नहीं होती, जिससे मानसिक तनाव बढ़ता है और शरीर का नेचुरल स्लीप साइकिल बिगड़ जाता है। शारीरिक मेहनत की कमी और निष्क्रिय जीवनशैली ने इस खतरे को और बढ़ा दिया है।
क्या कहते हैं डॉक्टर और सरकार?
इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के डॉ. पुष्पेंद्र नाथ रंजन ने बताया कि नींद की कमी से हृदय और मस्तिष्क दोनों पर बुरा असर पड़ता है। वहीं, केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव ने इसे ‘साइलेंट किलर’ कहा है। एम्स के प्रो. राकेश यादव ने सलाह दी है कि अब यह बीमारी बच्चों में भी दिख रही है, इसलिए नियमित बीपी जांच, सही खान-पान और वजन कंट्रोल करना बहुत जरूरी है।
हाइपरटेंशन से जुड़े मुख्य आंकड़े
| विवरण |
आंकड़े/जानकारी |
| दिल्ली में प्रभावित लोग |
1 करोड़ से अधिक |
| भारत में कुल प्रभावित |
18 करोड़ से अधिक |
| युवाओं (18-35 वर्ष) में प्रसार |
15 से 20 प्रतिशत |
| ग्रामीण दिल्ली में व्यापकता |
35.7% |
| सरकारी लक्ष्य (75/25 पहल) |
दिसंबर 2025 तक 75 मिलियन लोगों को केयर |
| उपचारित व्यक्ति (5 मार्च 2025 तक) |
42.01 मिलियन |
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में कितने लोग हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित हैं?
एनएफएचएस-5 के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में लगभग एक करोड़ से अधिक लोग उच्च रक्तचाप से पीड़ित हैं, जिसका अर्थ है कि हर तीन में से एक वयस्क प्रभावित है।
युवाओं में बीपी बढ़ने के मुख्य कारण क्या हैं?
मोबाइल फोन और डिजिटल स्क्रीन का अत्यधिक उपयोग, देर रात तक ऑनलाइन रहना, नींद की कमी, मानसिक तनाव और शारीरिक गतिविधि की कमी इसके मुख्य कारण हैं।