Delhi: राजधानी दिल्ली में हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन की समस्या अब एक गंभीर संकट बन गई है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में रहने वाले हर तीसरे व्यक्ति को हाई बीपी की परेशानी है। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि अब
Delhi: राजधानी दिल्ली में हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन की समस्या अब एक गंभीर संकट बन गई है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में रहने वाले हर तीसरे व्यक्ति को हाई बीपी की परेशानी है। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि अब यह बीमारी बुजुर्गों के बजाय युवाओं और बच्चों को अपनी चपेट में ले रही है। खराब लाइफस्टाइल और बढ़ते तनाव के कारण दिल्ली की आबादी बीमारियों का शिकार हो रही है।
युवाओं और बच्चों में हाई बीपी के क्या हैं आंकड़े?
मेडिकल एक्सपर्ट्स और हालिया स्टडी के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर के अस्पतालों की OPD में आने वाले हर 10 में से 3 से 4 मरीज हाई बीपी की शिकायत लेकर आ रहे हैं। 25 से 45 साल के लोगों में पिछले 5-7 सालों में इस बीमारी के मामलों में 35% से 50% तक की बढ़ोतरी हुई है। चौंकाने वाली बात यह है कि 10 से 12 साल के बच्चों में 35% और 13 से 19 साल के किशोरों में 25% ब्लड प्रेशर स्टेज 1 या 2 की रेंज में पाया गया है। दिल्ली में करीब एक करोड़ से ज्यादा लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं।
बीमारी बढ़ने की मुख्य वजह क्या हैं?
डॉक्टरों का कहना है कि दिल्ली के लोगों की बदलती आदतें इस बीमारी की बड़ी वजह हैं। लोग शारीरिक मेहनत कम कर रहे हैं और स्क्रीन टाइम बढ़ा रहे हैं, जिससे मोटापा बढ़ रहा है। खान-पान में ज्यादा नमक, प्रोसेस्ड फूड और कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन भी बीपी बढ़ा रहा है। इसके अलावा दिल्ली का प्रदूषण और मानसिक तनाव भी इसमें बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। पीएम 2.5 का बढ़ा हुआ स्तर खून की नलियों को प्रभावित करता है जिससे हार्ट रिस्क बढ़ जाता है।
एक्सपर्ट्स ने क्या सलाह दी है?
केंद्रीय आयुष और स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने इसे ‘साइलेंट किलर’ बताया है क्योंकि इसके लक्षण जल्दी सामने नहीं आते। एम्स (AIIMS), मेदांता और मैक्स जैसे बड़े अस्पतालों के कार्डियोलॉजिस्ट ने चेतावनी दी है कि 18 से 30 साल के युवाओं को नियमित जांच करानी चाहिए। समय पर पता चलने से लाइफस्टाइल में बदलाव कर इसे कंट्रोल किया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, केवल 5% स्कूल ही बच्चों के बीपी की नियमित जांच करते हैं, जिसे बढ़ाने की जरूरत है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में हाई बीपी के मरीज कितने हैं?
अनुमान के मुताबिक दिल्ली में एक करोड़ से ज्यादा लोग हाई बीपी से प्रभावित हैं और शहर का हर तीसरा वयस्क इस समस्या का सामना कर रहा है।
बच्चों में हाई बीपी बढ़ने का मुख्य कारण क्या है?
बच्चों में मोटापा सबसे बड़ा कारण है। प्राइवेट स्कूल के हर 5 में से 1 बच्चा मोटापे का शिकार है, जिससे उनके बीपी बढ़ने का खतरा तीन गुना बढ़ जाता है।