Delhi: राजधानी दिल्ली और NCR के इलाकों में गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। मौसम विभाग ने 22 मई तक लू के लिए ‘येलो’ अलर्ट जारी किया है, जिसका मतलब है कि लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। मंगलवार की
Delhi: राजधानी दिल्ली और NCR के इलाकों में गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। मौसम विभाग ने 22 मई तक लू के लिए ‘येलो’ अलर्ट जारी किया है, जिसका मतलब है कि लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। मंगलवार की सुबह न्यूनतम तापमान 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, लेकिन दिन में पारा 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है।
तापमान में बढ़ोतरी और मौसम का हाल
सोमवार को दिल्ली के सफदरजंग वेधशाला में अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि रिज इलाके में यह 44.6 डिग्री तक पहुंच गया। Skymet Weather के उपाध्यक्ष महेश पलवट के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ की कमी और पश्चिम-उत्तर पश्चिम से आने वाली गर्म हवाओं की वजह से तापमान बढ़ रहा है। आने वाले एक हफ्ते तक गर्मी से कोई बड़ी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है, हालांकि 23 मई से मौसम में थोड़ा सुधार हो सकता है।
लू से बचने के लिए क्या करें और क्या न करें
IMD और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर की तेज धूप में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। अगर बाहर जाना जरूरी हो, तो सिर को ढक कर रखें और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें। शरीर में पानी की कमी न होने दें और खूब पानी पिएं। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने को कहा गया है। अस्पतालों को भी हीट-रिलेटेड केस संभालने के लिए अलर्ट पर रखा गया है।
IMD के मुताबिक लू (Heatwave) की शर्तें क्या हैं
मौसम विभाग के नियमों के अनुसार, जब अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर जाए और सामान्य से 4.5 डिग्री ज्यादा रहे, तब लू घोषित की जाती है। इसके अलावा, अगर तापमान सीधे 45 डिग्री या उससे ऊपर चला जाए, तब भी इसे लू माना जाता है। जब तापमान सामान्य से 6.5 डिग्री या उससे अधिक बढ़ जाता है, तो उसे ‘सीवियर’ हीटवेव की श्रेणी में रखा जाता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में लू का अलर्ट कब तक जारी है
IMD ने दिल्ली-NCR के लिए 19 मई से 22 मई 2026 तक येलो अलर्ट जारी किया है। कुछ अनुमानों के मुताबिक लू की स्थिति 24 मई तक बनी रह सकती है।
गर्मी बढ़ने का मुख्य कारण क्या है
Skymet Weather के अनुसार, सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण की कमी के कारण पश्चिम और उत्तर-पश्चिम से आने वाली शुष्क और गर्म हवाएं तापमान बढ़ा रही हैं।