Delhi: राजधानी में भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। एक तरफ पारा 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है, वहीं दूसरी तरफ पानी की किल्लत और बिजली कटौती ने आम जनता की परेशानी बढ़ा दी है। कई इलाकों में लोग
Delhi: राजधानी में भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। एक तरफ पारा 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है, वहीं दूसरी तरफ पानी की किल्लत और बिजली कटौती ने आम जनता की परेशानी बढ़ा दी है। कई इलाकों में लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं और टैंकरों के भरोसे बैठे हैं।
मौसम का हाल और बिजली की बढ़ती डिमांड
IMD ने 25 और 26 मई को दिल्ली-एनसीआर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को दोपहर में बाहर न निकलने और ज्यादा पानी पीने की सलाह दी है। बिजली की बात करें तो 20 मई को डिमांड 8,039 मेगावाट तक पहुंच गई, जो इस साल का सबसे ऊंचा स्तर है। SLDC का अनुमान है कि यह मांग 9,000 मेगावाट को पार कर सकती है।
पानी की किल्लत और सरकार के नए नियम
उत्तर पूर्वी दिल्ली के जीटीबी एन्क्लेव स्थित जनता फ्लैट में पिछले 10 दिनों से पानी की भारी समस्या है। यहां 20 हजार लोगों के लिए सिर्फ 1-2 टैंकर भेजे जा रहे हैं। राहत की बात यह है कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली जल बोर्ड के इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज (IFC) के लिए नई नीति मंजूर की है। अब यह चार्ज केवल 200 वर्ग मीटर से बड़े प्लॉट और नए निर्माण पर ही लगेगा। ई और एफ श्रेणी की कॉलोनियों को इसमें 25 से 50 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी।
UP में बिजली संकट पर योगी सरकार सख्त
दिल्ली के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में भी गर्मी का असर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजली कटौती को लेकर ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने अस्पतालों और पेयजल आपूर्ति में लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। इस दौरान काम में ढिलाई बरतने वाले दो अधिकारियों को निलंबित भी कर दिया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में गर्मी से राहत कब मिलेगी?
IMD के अनुसार 28 मई के आसपास एक नए पश्चिमी विक्षोभ के आने की उम्मीद है, जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है और लोगों को राहत मिल सकती है।
दिल्ली जल बोर्ड के नए इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज (IFC) नियम क्या हैं?
नया नियम केवल 200 वर्ग मीटर से अधिक के प्लॉट पर लागू होगा। ई और एफ श्रेणी की कॉलोनियों को 25-50% और जी और एच श्रेणी की कॉलोनियों को 70% तक की छूट दी जाएगी।