Delhi: राजधानी में आने वाली भीषण गर्मी और हीट वेव से लोगों को बचाने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने Heat Wave Action Plan 2026 की समीक्षा की और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। सरकार का लक्ष्य
Delhi: राजधानी में आने वाली भीषण गर्मी और हीट वेव से लोगों को बचाने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने Heat Wave Action Plan 2026 की समीक्षा की और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि साल 2030 तक हीटवेव की वजह से होने वाली मौतों की संख्या को शून्य पर लाया जाए।
अस्पतालों और एम्बुलेंस की क्या है तैयारी
गर्मी से बिगड़ने वाली तबीयत को देखते हुए 30 से ज्यादा अस्पतालों में खास ‘कूल रूम’ बनाए गए हैं। इसके अलावा 330 एम्बुलेंस को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि इमरजेंसी में तुरंत मदद मिल सके। करीब 339 हेल्थ सेंटरों में ORS पैकेट, आइस पैक और जरूरी दवाइयां पहले से ही जमा कर ली गई हैं। 174 मेडिकल अफसरों और फ्रंटलाइन वर्कर्स को भी ट्रेनिंग दी गई है।
स्कूलों और सार्वजनिक जगहों पर क्या बदलाव होंगे
बच्चों की सेहत का ध्यान रखने के लिए स्कूलों में ‘वॉटर बेल’ सिस्टम लागू किया जाएगा, जिससे समय-समय पर बच्चों को पानी पीने की याद दिलाई जा सके। स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे बाहरी असेंबली न करें और 2 मई 2026 तक अपनी रिपोर्ट शिक्षा निदेशालय को सौंपें। आम जनता के लिए बस स्टैंड, पुलिस स्टेशन, डाकघर और निर्माण स्थलों पर पीने के पानी और ORS की व्यवस्था की जा रही है।
पुलिस और अन्य विभागों की भूमिका
Delhi Police ने गर्मी से राहत के लिए 11,000 एयर कूलर और 1,900 वॉटर कूलर लगाए हैं। PWD विभाग वॉटर एटीएम लगाने का काम कर रहा है। निर्माण कार्य में लगे मजदूरों के लिए काम के घंटों में बदलाव किया जाएगा और उन्हें छायादार जगह और आराम का समय दिया जाएगा। साथ ही, बेजुबान पशुओं और पक्षियों के लिए भी पानी और छाया का इंतजाम करने को कहा गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
स्कूलों में ‘वॉटर बेल’ सिस्टम क्या है?
यह एक ऐसा सिस्टम है जिसमें स्कूल में एक विशेष घंटी बजेगी, जिससे छात्रों को नियमित अंतराल पर पानी पीने की याद दिलाई जाएगी ताकि वे हाइड्रेटेड रहें।
हीटवेव से बचाव के लिए अस्पतालों में क्या इंतजाम हुए हैं?
30 से अधिक अस्पतालों में कूल रूम बनाए गए हैं और 339 हेल्थ सेंटरों में ORS, आइस पैक और जरूरी दवाओं का स्टॉक रखा गया है।