Delhi दवा खरीद घोटाले में ACB की बड़ी कार्रवाई, 6 और अफसर रडार पर, करोड़ों की हेराफेरी का आरोप

Delhi: दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग में करोड़ों रुपये के दवा और मेडिकल उपकरणों की खरीद में बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। एंटी-करप्शन ब्रांच (ACB) ने इस मामले में अब तक कई बड़े अधिकारियों को गिरफ्तार किया है और अब विभाग

Delhi: दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग में करोड़ों रुपये के दवा और मेडिकल उपकरणों की खरीद में बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। एंटी-करप्शन ब्रांच (ACB) ने इस मामले में अब तक कई बड़े अधिकारियों को गिरफ्तार किया है और अब विभाग के 6 और अफसर जांच के घेरे में हैं। इस पूरे मामले में करीब 600 से 650 करोड़ रुपये की गड़बड़ी का अनुमान लगाया जा रहा है।

इस मामले में ACB ने पूर्व महानिदेशक स्वास्थ्य सेवा (DGHS) डॉ. वत्सला अग्रवाल और सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (CPA) के पूर्व डिप्टी कंट्रोलर ऑफ अकाउंट्स नीरज चोपड़ा को गिरफ्तार किया है। इनसे पहले CPA के पूर्व हेड ऑफ ऑफिस डॉ. विनोद कुमार रंगा को भी पकड़ा गया था, जिन्हें 4 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया। जांच एजेंसी ने कुछ कर्मचारियों और वेंडरों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।

जांच में पता चला है कि दवाओं और सर्जिकल सामान की खरीद के लिए टेंडर की शर्तों और तकनीकी नियमों में बदलाव किया गया था। ऐसा इसलिए किया गया ताकि कुछ खास सप्लायरों को फायदा पहुंचाया जा सके और सामान को तय कीमत से ज्यादा दाम पर खरीदा जाए। हैरानी की बात यह है कि जांच के दौरान कई जरूरी फाइलें और दस्तावेज गायब पाए गए हैं।

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी एंट्री की है। ED ने DGHS निदेशक से खरीद से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं ताकि पैसों के लेन-देन (Money Trail) की जांच की जा सके। वहीं, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पारदर्शिता लाने के लिए 39 डॉक्टरों के तबादले की सिफारिश की है, क्योंकि नियम के मुताबिक कोई भी डॉक्टर एक जगह 5 साल से ज्यादा तैनात नहीं रह सकता। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने डॉ. वत्सला अग्रवाल को निलंबित करने का निर्देश दिया है।