Delhi में 600 करोड़ का हेल्थ स्कैम, ED ने दर्ज किया मनी लॉन्ड्रिंग केस, कई बड़े अधिकारियों की बढ़ी मुश्किलें

Delhi: दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग में मेडिकल उपकरणों की खरीद में हुए एक बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की दिल्ली जोन-2 टीम ने करीब 600 से 650 करोड़ रुपये के इस कथित घोटाले में मनी लॉन्ड्रि

Delhi: दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग में मेडिकल उपकरणों की खरीद में हुए एक बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की दिल्ली जोन-2 टीम ने करीब 600 से 650 करोड़ रुपये के इस कथित घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर लिया है। जांच एजेंसी ने अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है और संबंधित विभागों से जरूरी कागजात मांगे हैं।

ED ने दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग के तहत आने वाले डायरेक्टरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (DGHS) और सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (CPA) को पत्र लिखकर विस्तृत रिकॉर्ड मांगे हैं। एजेंसी यह पता लगा रही है कि टेंडर जारी करने से लेकर भुगतान करने तक की प्रक्रिया में कहां गड़बड़ी हुई। जांच में यह संदेह है कि कुछ निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर की शर्तों और तकनीकी बारीकियों में बदलाव किए गए, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ।

इस घोटाले में कई तरह के मेडिकल सामानों की खरीद शामिल है, जिनकी लिस्ट नीचे दी गई है:

जांच के दायरे में आए उपकरण और सामान
पोर्टेबल एक्स-रे मशीन और C-arm रेडियोलॉजिकल उपकरण
एनेस्थीसिया वर्कस्टेशन
ओआरएस (ORS), बेडशीट और लिनन
सर्जिकल कंज्यूमेबल्स, ड्रेसिंग और सूचर
कैनुला, ग्लव्स और दवाइयां

इस मामले में पहले ही एंटी-करप्शन ब्रांच (ACB) ने कार्रवाई शुरू कर दी थी। 18 जून 2026 को CPA के पूर्व हेड ऑफ ऑफिस डॉ. विनोद कुमार रंगा को गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा, उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने इस पूरे विवाद के बीच डॉ. वत्सला अग्रवाल को DGHS के पद से हटा दिया है। ED अब उन कंपनियों और डिस्ट्रीब्यूटर्स के वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है जिन्होंने ये सामान सप्लाई किए थे, जिनमें Prognosys, Kiran Medical Systems/Trivitron Healthcare और Dräger जैसी कंपनियां शामिल हैं।

जांच एजेंसी यह देख रही है कि क्या इस खरीद प्रक्रिया के जरिए अपराध की कमाई (proceeds of crime) पैदा की गई। यह पूरा मामला PMLA और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत जांचा जा रहा है।