Delhi में 640 करोड़ का स्वास्थ्य घोटाला, पूर्व DGHS डायरेक्टर समेत दो बड़े अधिकारी गिरफ्तार

Delhi: दिल्ली के स्वास्थ्य बजट में करीब 640 से 700 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने इस मामले में पूर्व DGHS डायरेक्टर डॉ. वत्सला अग्रवाल और पूर्व डिप्टी कंट्रोलर नीरज चोपड़ा क

Delhi: दिल्ली के स्वास्थ्य बजट में करीब 640 से 700 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने इस मामले में पूर्व DGHS डायरेक्टर डॉ. वत्सला अग्रवाल और पूर्व डिप्टी कंट्रोलर नीरज चोपड़ा को गिरफ्तार किया है। इन अधिकारियों पर दवाओं और मेडिकल उपकरणों की खरीद में गड़बड़ी करने और खास कंपनियों को फायदा पहुँचाने का आरोप है।

जांच में पता चला है कि एक्स-रे मशीन, एनेस्थीसिया वर्कस्टेशन और दवाओं जैसी जरूरी चीजों की खरीद के लिए टेंडर की शर्तों में हेराफेरी की गई थी। जानबूझकर ऐसी शर्तें रखी गईं जिससे असली और योग्य कंपनियां बाहर हो जाएं और चुनिंदा सप्लायर ही टेंडर जीत सकें। इस वजह से सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ क्योंकि सामान बहुत ज्यादा महंगी कीमतों पर खरीदा गया।

इस पूरे मामले की टाइमलाइन और मुख्य विवरण नीचे दी गई टेबल में देखें:

तारीख महत्वपूर्ण घटना
मई 2026 vigilance विभाग ने CPA ऑफिस में छापेमारी की और गड़बड़ियों को पकड़ा
2 जून 2026 भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के तहत FIR दर्ज हुई
18 जून 2026 CPA के पूर्व हेड डॉ. विनोद कुमार रंगा गिरफ्तार हुए
23 जून 2026 CM रेखा गुप्ता ने वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ जांच के आदेश दिए
25 जून 2026 ED ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया
27 जून 2026 डॉ. वत्सला अग्रवाल और नीरज चोपड़ा को ACB ने गिरफ्तार किया

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं, दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने डॉ. अग्रवाल और अन्य अधिकारियों को सस्पेंड करने का आदेश दिया था। जांच एजेंसी ACB अब उन गायब फाइलों की तलाश कर रही है जो खरीद प्रक्रिया से जुड़ी थीं और जिन्हें अधिकारियों ने उपलब्ध नहीं कराया।

ACB चीफ विक्रमजीत सिंह के मुताबिक, यह एक गहरी साजिश थी जिसमें सरकारी नियमों को ताक पर रखकर निजी कंपनियों को फायदा पहुँचाया गया। अब ED और ACB मिलकर इस पैसे के लेन-देन की कड़ियों को जोड़ रहे हैं और आने वाले दिनों में कुछ और ठेकेदारों और अधिकारियों की गिरफ्तारी हो सकती है।