Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने Akasa Air के खिलाफ आए 1.08 करोड़ रुपये के जुर्माने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने इस मामले में एक चौंकाने वाली बात कही कि निचली अदालत के फैसले का कुछ हिस्सा AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से लिखा हुआ
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने Akasa Air के खिलाफ आए 1.08 करोड़ रुपये के जुर्माने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने इस मामले में एक चौंकाने वाली बात कही कि निचली अदालत के फैसले का कुछ हिस्सा AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से लिखा हुआ लग रहा है। जस्टिस प्रतिभा सिंह और जस्टिस मधु जैन की बेंच ने इस बात पर चिंता जताई कि कानूनी फैसलों में AI का इस्तेमाल न्याय प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।
कोर्ट ने AI के इस्तेमाल पर क्या कहा?
हाई कोर्ट ने पाया कि जिला अदालत के फैसले में कुछ ऐसी बातें लिखी थीं जो सुप्रीम कोर्ट के फैसलों से मेल नहीं खाती थीं। कोर्ट ने बताया कि AI डिटेक्शन टूल्स के जरिए यह पता चला कि फैसले का एक बड़ा हिस्सा AI द्वारा तैयार किया गया था। इसमें कुछ ऐसे कानूनी तर्क दिए गए थे जिनका असलियत में कोई अस्तित्व ही नहीं था, जिससे पूरी न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए।
Akasa Air और ट्रैवल एजेंसी के बीच क्या था विवाद?
यह मामला ABS Tour and Travels नाम की दिल्ली की एक एजेंसी और Akasa Air की पैरेंट कंपनी SNV Aviation के बीच का है। एजेंसी ने दिसंबर 2023 से जनवरी 2024 के बीच 640 सीटें बुक की थीं, जिन्हें कंपनी ने मई 2023 में ही कैंसिल कर दिया था। जिला अदालत ने एजेंसी के मुनाफे के नुकसान के तौर पर 1.08 करोड़ रुपये देने का आदेश दिया था, जिसे हाई कोर्ट ने गलत माना।
हाई कोर्ट ने जुर्माने की रकम को गलत क्यों माना?
हाई कोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने नुकसान की गणना करने में बड़ी गलती की है। निचली अदालत ने टिकट की पूरी कीमत को ही मुनाफा मान लिया था, जबकि उसमें टिकट खरीदने की लागत को घटाना जरूरी था। कोर्ट ने इसे कानूनन गलत बताया और Akasa Air को राहत देते हुए शर्त रखी कि कंपनी 30 मई तक 20 लाख रुपये रजिस्ट्रार जनरल के पास जमा करे। अब इस मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त 2026 को होगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Akasa Air को कितनी रकम देने का आदेश हुआ था?
दिल्ली की एक जिला अदालत ने Akasa Air को ABS Tour and Travels एजेंसी को 1.08 करोड़ रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया था, जिसे अब हाई कोर्ट ने रोक दिया है।
हाई कोर्ट ने फैसले में AI के इस्तेमाल पर क्या आपत्ति जताई?
कोर्ट ने पाया कि फैसले में सुप्रीम कोर्ट के ऐसे संदर्भ दिए गए थे जो असल में मौजूद ही नहीं थे और AI डिटेक्शन टूल्स ने भी फैसले के बड़े हिस्से को AI जनरेटेड बताया।