Delhi : दिल्ली हाईकोर्ट ने खेल परिसरों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर अपनी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का मुख्य उद्देश्य खेलों को बढ़ावा देना है और इसे बर्थडे पार्टी या देर रात के कार्यक्रमो
Delhi : दिल्ली हाईकोर्ट ने खेल परिसरों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर अपनी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का मुख्य उद्देश्य खेलों को बढ़ावा देना है और इसे बर्थडे पार्टी या देर रात के कार्यक्रमों से खराब नहीं किया जाना चाहिए। सोमवार, 6 अप्रैल 2026 को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि खेल परिसरों का व्यवसायीकरण खिलाड़ियों के हितों पर हावी नहीं होना चाहिए।
स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में शराब और कमर्शियल एक्टिविटी पर क्या कहा?
जस्टिस जसमीत सिंह ने सुनवाई के दौरान कुछ महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने कहा कि हालांकि कुछ कमर्शियल गतिविधियों की अनुमति दी जा सकती है, लेकिन वे खेल परिसर के मुख्य कार्य में बाधा नहीं डालनी चाहिए। सिरी फोर्ट स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स (SFSC) में शराब परोसने के मामले पर दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने कोर्ट को भरोसा दिया है। DDA ने बताया कि मैनेजमेंट को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि शराब केवल परिसर के अंदर बने खास रेस्टोरेंट में ही परोसी जाए और इसे बाहर किसी भी ओपन एरिया में ले जाने की इजाजत नहीं होगी।
याचिकाकर्ता की मांगें और कोर्ट का अगला कदम
राजेश अग्रवाल द्वारा दायर इस याचिका में कई मांगें रखी गई हैं जो खेल प्रेमियों के लिए जरूरी हैं:
- रात 8 बजे के बाद निजी कार्यक्रमों और बड़ी भीड़ के जमावड़े पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।
- परिसर के खुलने और बंद होने के समय में बदलाव किया जाए ताकि खिलाड़ियों को ज्यादा वक्त मिले।
- नए फूड और बेवरेज आउटलेट के लिए भविष्य में कोई टेंडर न निकाला जाए।
- जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम और ध्यानचंद स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जैसे केंद्रों को भी इस मामले में पार्टी बनाया गया है।
वरिष्ठ वकील पुनीत मित्तल ने तर्क दिया कि रेस्टोरेंट को शराब परोसने की अनुमति मिलने के बाद भी वहां निजी कार्यक्रम और देर रात की पार्टियां जारी रहीं। अब इस पूरे मामले की अगली सुनवाई 19 मई को होगी, जिसमें कोर्ट आगे के दिशा-निर्देश जारी कर सकता है। फिलहाल कोर्ट ने यह साफ कर दिया है कि खेलों के मैदान को इवेंट वेन्यू बनाना सही नहीं है।