Delhi के Hauz Rani अग्निकांड में 23 मौतें, जांच रिपोर्ट में सरकारी विभागों की बड़ी लापरवाही आई सामने
Delhi: राजधानी दिल्ली के हौज रानी इलाके में स्थित Hotel Flourish Stays में लगी भीषण आग ने 23 लोगों की जान ले ली थी। अब इस हादसे की मजिस्ट्रेट जांच रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें कई सरकारी विभागों की गंभीर लापरवाही उजागर हुई
Delhi: राजधानी दिल्ली के हौज रानी इलाके में स्थित Hotel Flourish Stays में लगी भीषण आग ने 23 लोगों की जान ले ली थी। अब इस हादसे की मजिस्ट्रेट जांच रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें कई सरकारी विभागों की गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि होटल में नियमों की धज्जियां उड़ाई गई थीं और अधिकारियों ने इसे नजरअंदाज किया।
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, यह होटल Bed & Breakfast (B&B) स्कीम के तहत रजिस्टर्ड था, जिसमें सिर्फ 6 कमरे बनाने की अनुमति थी। लेकिन असलियत में यहां 25 कमरे चलाए जा रहे थे। होटल के पास Fire NOC भी नहीं था, जिसकी वजह से आग लगने पर बचाव कार्य में दिक्कत आई। धुएं और आग ने मुख्य निकास द्वार को ब्लॉक कर दिया था, जिससे बचाव कर्मियों को खिड़कियां तोड़कर लोगों को निकालना पड़ा।
रिपोर्ट में दिल्ली पुलिस और MCD की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। बताया गया है कि स्थानीय SHO और पुलिस अधिकारियों ने MCD के काम रोकने के आदेशों को लागू नहीं करवाया। टूरिज्म विभाग ने भी लाइसेंस देते समय बड़ी गलतियों को अनदेखा किया। अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने सालों तक जानबूझकर तथ्यों को छुपाया और अवैध निर्माण को चलने दिया।
एक चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई है कि होटल मालिक लवकेश बजाज ने आग लगने के बाद, जब बचाव कार्य चल रहा था, तब MCD पोर्टल पर ‘टी और स्नैक्स स्टॉल’ के लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए आवेदन किया। जबकि वहां ग्राउंड फ्लोर पर पूरी किचन और बैठने की जगह के साथ एक बड़ा रेस्टोरेंट चल रहा था, जिसकी अनुमति उस लाइसेंस में नहीं थी।
इस हादसे में कई लोगों की मौत दम घुटने से हुई क्योंकि कमरों में वेंटिलेशन की सही व्यवस्था नहीं थी। जांच में पाया गया कि निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने इन बुनियादी कमियों को नजरअंदाज कर दिया था। फिलहाल इस मामले में होटल के अकाउंटेंट जय मिश्रा को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो पहले फरार था।