Delhi और Haryana में जिम फायरिंग मामला, मुठभेड़ में Lawrence Bishnoi गैंग के 2 शूटर ढेर
Delhi/Haryana: दिल्ली के पश्चिम विहार और हरियाणा के हांसी में हुई दो बड़ी फायरिंग वारदातों में नया मोड़ आया है। पुलिस ने एक मुठभेड़ के दौरान लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े दो शूटरों को मार गिराया है। ये दोनों आरोपी जिम ट्र
Delhi/Haryana: दिल्ली के पश्चिम विहार और हरियाणा के हांसी में हुई दो बड़ी फायरिंग वारदातों में नया मोड़ आया है। पुलिस ने एक मुठभेड़ के दौरान लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े दो शूटरों को मार गिराया है। ये दोनों आरोपी जिम ट्रेनर कपिल रेड्हु की हत्या और गुरु रंधावा के जिम पर हमले के मामले में वांछित थे।
पुलिस के मुताबिक, यह पूरी साजिश बहुत पहले रची गई थी। 10 जून 2026 को छह युवकों ने हरियाणा के हांसी और सोनीपत के बीच विदेशी हथियार लिए थे। इनमें तुर्की के जिगाना पिस्टल और पाकिस्तान के टीटी-30 बोर हथियार शामिल थे। अगले ही दिन यानी 11 जून को दो अलग-अलग ग्रुप्स ने हमला किया। एक ग्रुप ने दिल्ली के पश्चिम विहार में गुरु रंधावा के 24 HS जिम को निशाना बनाया, जबकि दूसरे ग्रुप ने हांसी में जिम ट्रेनर कपिल रेड्हु की गोली मारकर हत्या कर दी।
इस मामले में दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और हरियाणा STF की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। 5 जुलाई को बहादुरगढ़ में हुई मुठभेड़ में प्रवेस और हिमांशु नाम के दो शूटर मारे गए। इन दोनों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम था। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने सरेंडर करने के बजाय फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने गोलियां चलाईं। इस दौरान एक दिल्ली पुलिस कांस्टेबल के पैर में गोली लगी और चार अन्य जवानों की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोलियों के निशान मिले।
जांच में सामने आया कि इन युवकों को सिग्नल और ज़ंगी जैसे गुप्त मैसेजिंग ऐप के जरिए अनिल पंडित और सुंदर हांसी ने संपर्क किया था, जो हैरी बॉक्सर के जरिए लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े हैं। गैंग ने इन युवाओं को आलीशान जिंदगी का लालच देकर अपराध की दुनिया में खींचा। पुलिस को शक है कि इन हथियारों की तस्करी पाकिस्तान सीमा से ड्रोन के जरिए की गई थी।
इस पूरे सिंडिकेट के खिलाफ महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) के तहत मामला दर्ज किया गया है। वहीं, लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने सोशल मीडिया पर इस मुठभेड़ को फर्जी बताते हुए दावा किया कि आरोपियों को पहले ही अगवा कर लिया गया था, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। फिलहाल स्थानीय एसडीएम इस मुठभेड़ की जांच कर रहे हैं और एनएचआरसी (NHRC) भी इस मामले में रिपोर्ट मांग सकता है।