Delhi: लुटियंस दिल्ली के ऐतिहासिक Delhi Gymkhana Club को केंद्र सरकार ने खाली करने का आदेश दिया है। Land and Development Office (L&DO) ने क्लब को 5 जून 2026 तक अपनी 27.3 एकड़ जमीन खाली करने को कहा है। इस फैसले से क्
Delhi: लुटियंस दिल्ली के ऐतिहासिक Delhi Gymkhana Club को केंद्र सरकार ने खाली करने का आदेश दिया है। Land and Development Office (L&DO) ने क्लब को 5 जून 2026 तक अपनी 27.3 एकड़ जमीन खाली करने को कहा है। इस फैसले से क्लब में काम करने वाले करीब 600 कर्मचारियों में डर का माहौल है, क्योंकि उन्हें अपनी नौकरी और रहने की जगह खोने का डर सता रहा है।
सरकार ने जमीन खाली कराने का क्या कारण बताया है
Union Housing and Urban Affairs Ministry के तहत आने वाले L&DO ने यह आदेश जारी किया है। सरकार का कहना है कि यह इलाका काफी संवेदनशील और रणनीतिक है। इस जमीन की जरूरत शासन के बुनियादी ढांचे, सार्वजनिक हित की परियोजनाओं और रक्षा व सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए है। आदेश में साफ किया गया है कि लीज डीड के क्लॉज 4 के तहत भारत के राष्ट्रपति के माध्यम से सरकार इस जमीन को वापस ले सकती है।
कर्मचारियों और क्लब मैनेजमेंट की क्या है स्थिति
Gymkhana Employee Welfare Association के अध्यक्ष नंदन सिंह नेगी ने बताया कि शनिवार को कर्मचारियों को इस बारे में जानकारी दी गई, जिससे वे काफी चिंतित हैं। 35 साल से काम कर रहे कर्मचारी रामेश्वर ने अपने परिवार के गुजारे को लेकर चिंता जताई है। वहीं, रिटायर्ड मेजर जनरल पीके सहगल ने इस कदम की आलोचना करते हुए इसे विरासत के साथ छेड़छाड़ बताया है। क्लब के अधिकारी अब कानूनी विकल्पों और मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात करने की तैयारी कर रहे हैं।
आगे क्या कदम उठाए जा रहे हैं
क्लब ने शनिवार को एक जरूरी बैठक की और L&DO को जवाब भेजने का फैसला किया है। वे सदस्यों और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर स्पष्टता चाहते हैं। क्लब की कोशिश है कि उनके कामकाज में कोई रुकावट न आए। साथ ही, क्लब के सदस्य इस बेदखली के आदेश को अदालत में चुनौती देने पर भी विचार कर रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Delhi Gymkhana Club को कब तक खाली करना होगा?
Land and Development Office (L&DO) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, क्लब को 5 जून 2026 तक अपनी 27.3 एकड़ जमीन खाली करनी होगी।
इस फैसले से कितने लोग प्रभावित हो रहे हैं?
इस आदेश से क्लब के लगभग 600 कर्मचारियों की नौकरी और उनके रहने के ठिकाने पर खतरा मंडरा रहा है।