Delhi जिमखाना क्लब विवाद: केंद्र बोला- बेदखली की कानूनी प्रक्रिया पर रोक नहीं लगा सकता हाईकोर्ट
Delhi: दिल्ली के मशहूर जिमखाना क्लब की जमीन को लेकर केंद्र सरकार और क्लब के बीच कानूनी लड़ाई तेज हो गई है। केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में साफ तौर पर कहा है कि सार्वजनिक परिसरों से लोगों को हटाने की जो कानूनी प्रक्रि
Delhi: दिल्ली के मशहूर जिमखाना क्लब की जमीन को लेकर केंद्र सरकार और क्लब के बीच कानूनी लड़ाई तेज हो गई है। केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में साफ तौर पर कहा है कि सार्वजनिक परिसरों से लोगों को हटाने की जो कानूनी प्रक्रिया होती है, उस पर अदालत रोक नहीं लगा सकती। यह पूरा मामला क्लब की जमीन को वापस लेने और वहां से बेदखली की कार्रवाई से जुड़ा है।
केंद्र सरकार का कहना है कि वह ‘पब्लिक प्रिमाइसेस एक्ट 1971’ के तहत अपनी जमीन वापस लेने का अधिकार रखती है। सरकार ने अदालत को बताया कि यह कोई जबरन जमीन अधिग्रहण नहीं है, बल्कि लीज एग्रीमेंट की शर्तों का पालन है। इस समझौते के मुताबिक, सरकार सार्वजनिक उद्देश्य के लिए जमीन को वापस ले सकती है और लीज खत्म कर सकती है।
इस मामले की सुनवाई जस्टिस अवनीश झिंगन की बेंच कर रही है। केंद्र की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भरोसा दिलाया कि बेदखली की कोई भी कार्रवाई कानून के मुताबिक नोटिस देने के बाद ही की जाएगी। साथ ही सरकार ने कोर्ट को यह आश्वासन भी दिया है कि अगली सुनवाई यानी 3 सितंबर 2026 तक एस्टेट ऑफिसर लेवल पर बेदखली की कोई कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाई जाएगी।
इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब 22 मई 2026 को लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस (L&DO) ने क्लब की लीज रद्द कर दी। इसके बाद 29 जून 2026 को क्लब को बेदखली का नोटिस जारी किया गया। अब क्लब के सदस्य विजय खुराना और क्लब स्टाफ वेलफेयर एसोसिएशन ने इस नोटिस को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की हैं। कोर्ट ने अब याचिकाकर्ताओं को केंद्र के जवाब पर अपना पक्ष रखने के लिए समय दिया है और अगली सुनवाई 3 सितंबर को होगी।