Delhi में पुलिस कार्रवाई के बाद CJP समर्थकों को गुरुद्वारों में मिला सहारा, चाय और गद्दों के साथ मिल रही मदद
Delhi: राजधानी दिल्ली में CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के समर्थकों पर हुई पुलिस कार्रवाई के बाद अब शहर के गुरुद्वारों ने उनकी मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाए हैं। सोमवार को हुए हंगामे के बाद कई प्रदर्शनकारी, जिनमें छात्र और युवा शा
Delhi: राजधानी दिल्ली में CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के समर्थकों पर हुई पुलिस कार्रवाई के बाद अब शहर के गुरुद्वारों ने उनकी मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाए हैं। सोमवार को हुए हंगामे के बाद कई प्रदर्शनकारी, जिनमें छात्र और युवा शामिल हैं, सुरक्षित जगह और खाने की तलाश में गुरुद्वारों में पहुंचे। यहां उन्हें रहने के लिए गद्दे, गर्म खाना और प्राथमिक उपचार जैसी जरूरी सुविधाएं दी जा रही हैं।
यह पूरा मामला 20 जुलाई 2026 को शुरू हुआ जब CJP समर्थकों ने NEET-UG पेपर लीक और शिक्षा क्षेत्र में गड़बड़ियों के खिलाफ ‘संसद चलो’ मार्च निकाला था। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इस कार्रवाई से घबराकर और घायल होकर सैकड़ों युवा दिल्ली के प्रमुख गुरुद्वारों में शरण लेने पहुंचे।
बंगला साहिब, रकाब गंज और सीस गंज साहिब जैसे गुरुद्वारों ने अपने दरवाजे इन प्रदर्शनकारियों के लिए खोल दिए हैं। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (DSGMC) के मुख्य सलाहकार परमजीत सिंह चंडोक ने बताया कि मदद मांगने वाले किसी भी व्यक्ति को वापस नहीं भेजा गया और उन्हें लंगर व दवाइयां मुहैया कराई गईं।
दूसरी तरफ, दिल्ली पुलिस ने इस हिंसा और तोड़फोड़ को लेकर अब तक 10 FIR दर्ज की हैं। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और हमले किए, जिसमें 118 पुलिसकर्मी घायल हुए। वहीं, प्रदर्शनकारियों के वकीलों ने दिल्ली हाईकोर्ट में पुलिस की कार्रवाई को क्रूर बताया है।
इस बीच, केंद्र सरकार अब इस छात्र आंदोलन पर संसद में चर्चा करने के लिए तैयार हो गई है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और जेपी नड्डा ने मेदांता अस्पताल में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मुलाकात की, जो पेपर लीक मामले पर भूख हड़ताल पर हैं। CJP की मुख्य मांगों में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, सोनम वांगचुक की रिहाई और प्रभावित परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग शामिल है।