Delhi: राजधानी के 142 अतिथि शिक्षकों की नौकरी पर तलवार लटकी है। ओल्ड दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट ने इन शिक्षकों की सेवा समाप्त करने की सिफारिश की है क्योंकि उन्होंने जनगणना ड्यूटी करने से इनकार कर दिया था। प्रशासन ने इसे अ
Delhi: राजधानी के 142 अतिथि शिक्षकों की नौकरी पर तलवार लटकी है। ओल्ड दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट ने इन शिक्षकों की सेवा समाप्त करने की सिफारिश की है क्योंकि उन्होंने जनगणना ड्यूटी करने से इनकार कर दिया था। प्रशासन ने इसे अनुशासनहीनता और काम के प्रति लापरवाही माना है, जबकि शिक्षकों ने अपनी मजबूरी बताई है।
शिक्षकों पर कार्रवाई क्यों हो रही है?
ओल्ड दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट G. Sudhakar ने 24 अप्रैल 2026 को शिक्षा निदेशालय को पत्र लिखकर 142 गेस्ट शिक्षकों को हटाने की मांग की। प्रशासन का कहना है कि जनगणना एक राष्ट्रीय कार्य है और इससे मना करना कर्तव्य की अवहेलना है। जनगणना अधिनियम 1948 के तहत ड्यूटी से मना करने पर जुर्माना और जेल तक का प्रावधान है। जिला मजिस्ट्रेट के मुताबिक, इस तरह के व्यवहार से अन्य कर्मचारियों पर बुरा असर पड़ सकता है और पूरी जनगणना प्रक्रिया रुक सकती है।
शिक्षकों और शिक्षक संघ का क्या कहना है?
सरकारी स्कूल शिक्षक संघ (GSTA) के महासचिव अजयवीर यादव ने इस कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि शिक्षकों ने जानबूझकर काम नहीं रोका, बल्कि संसाधनों की कमी और कम मानदेय की वजह से वे असमर्थ थे। पिछले आठ सालों से उनके वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। साथ ही, इन शिक्षकों के अनुबंध 8 मई 2026 को ही खत्म होने वाले हैं, इसलिए इस समय ऐसी सख्त कार्रवाई करना सही नहीं है। संघ ने मांग की है कि नियमित शिक्षकों की तरह उन्हें भी अतिरिक्त मानदेय दिया जाए।
सरकार का इस मामले पर क्या रुख है?
दिल्ली के शिक्षा मंत्री Ashish Sood ने कहा कि जनगणना देश के लिए बहुत जरूरी है और सभी को इसमें सहयोग करना चाहिए। हालांकि, उन्होंने आश्वासन दिया है कि वह इस मामले को देखेंगे और जिन शिक्षकों के पास वाकई कोई गंभीर समस्या थी, उनके मामलों पर सहानुभूति के साथ विचार किया जाएगा। फिलहाल दिल्ली सरकार ने शिक्षक संघ की अपील पर कोई आधिकारिक फैसला नहीं सुनाया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
शिक्षकों की सेवा समाप्ति की सिफारिश क्यों की गई?
ओल्ड दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट ने 142 अतिथि शिक्षकों द्वारा जनगणना ड्यूटी से इनकार करने को घोर लापरवाही और अनुशासनहीनता माना, इसलिए उनकी सेवा समाप्त करने की सिफारिश की गई।
जनगणना ड्यूटी से मना करने पर क्या कानूनी प्रावधान हैं?
जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11 के अनुसार, जनगणना के कर्तव्य को निभाने से इनकार करने पर 1,000 रुपये तक का जुर्माना और तीन साल तक की कैद हो सकती है।