Delhi: दिल्ली के एक आम आदमी को ऐसे बिजनेस का टैक्स नोटिस मिला जो उसने कभी शुरू ही नहीं किया था। जब इस मामले की शिकायत हुई तो दिल्ली पुलिस की Economic Offences Wing (EOW) के सामने 128 करोड़ रुपये के बड़े GST घोटाले का सच
Delhi: दिल्ली के एक आम आदमी को ऐसे बिजनेस का टैक्स नोटिस मिला जो उसने कभी शुरू ही नहीं किया था। जब इस मामले की शिकायत हुई तो दिल्ली पुलिस की Economic Offences Wing (EOW) के सामने 128 करोड़ रुपये के बड़े GST घोटाले का सच आया। जालसाजों ने नौकरी का लालच देकर एक व्यक्ति के आधार और पैन कार्ड का इस्तेमाल कर फर्जी कंपनी बना ली थी।
कैसे हुआ यह पूरा GST घोटाला
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने एक व्यक्ति को GST विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा दिया और उसके बायोमेट्रिक, आधार कार्ड, पैन कार्ड और बिजली बिल जैसे दस्तावेज ले लिए। इन कागजों का इस्तेमाल कर सितंबर 2025 में M/s RK Enterprises नाम की एक फर्जी फर्म बनाई गई। इस फर्म के जरिए बिना किसी सामान की सप्लाई किए फर्जी बिल जारी किए गए और करीब 10 करोड़ रुपये का गलत Input Tax Credit (ITC) क्लेम किया गया।
कौन हैं इस गिरोह के मुख्य आरोपी
EOW ने अब तक इस मामले में कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह का मास्टरमाइंड राज कुमार दीक्षित बताया जा रहा है, जिसने करीब 250 शेल कंपनियां बनाई थीं। हाल ही में यमुना विहार के एक टीवी मैकेनिक पुनीत और भोपाल के कॉमर्स ग्रेजुएट हेमंत मुलानी को भी पकड़ा गया है। पुनीत ग्राहकों के दस्तावेज देता था और हेमंत उन दस्तावेजों से फर्जी GST रजिस्ट्रेशन करता था।
| विवरण |
जानकारी |
| कुल घोटाला |
128 करोड़ रुपये |
| पकड़े गए आरोपी |
8 व्यक्ति |
| फर्जी फर्म का नाम |
M/s RK Enterprises |
| बरामद कैश |
51.12 लाख रुपये |
| फर्जी कंपनियां |
करीब 50 कंपनियां चिन्हित |
| मुख्य आरोपी |
राज कुमार दीक्षित और दिलीप कुमार (फरार) |
Frequently Asked Questions (FAQs)
इस घोटाले में आम आदमी के दस्तावेजों का इस्तेमाल कैसे हुआ
आरोपियों ने व्यक्ति को GST विभाग में नौकरी का लालच दिया और उसके आधार, पैन और बायोमेट्रिक विवरण ले लिए, जिससे उसकी जानकारी के बिना फर्जी फर्म रजिस्टर की गई।
पुलिस ने इस केस में अब तक क्या-क्या बरामद किया है
दिल्ली पुलिस EOW ने 51.12 लाख रुपये नकद, 15 मोबाइल फोन, 2 लैपटॉप, फर्जी स्टैम्प, बड़ी मात्रा में फर्जी बिल और दो कारें बरामद की हैं।