Delhi: राजधानी दिल्ली में जमीन धंसने की खबरें अब डराने लगी हैं। जल शक्ति मंत्रालय और केंद्रीय भूजल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में भूजल का दोहन 92.10% तक पहुंच गया है, जिसे ‘क्रिटिकल’ श्रेणी में रखा गय
Delhi: राजधानी दिल्ली में जमीन धंसने की खबरें अब डराने लगी हैं। जल शक्ति मंत्रालय और केंद्रीय भूजल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में भूजल का दोहन 92.10% तक पहुंच गया है, जिसे ‘क्रिटिकल’ श्रेणी में रखा गया है। पानी की इस भारी कमी के साथ-साथ तेजी से बढ़ते शहरीकरण और भारी निर्माण कार्यों ने जमीन को कमजोर कर दिया है।
जमीन धंसने की क्या है वजह और कितना है खतरा
रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में जमीन धंसने की मुख्य वजह भूजल का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल और मिट्टी का दबना है। Nature Sustainability के एक अध्ययन में पाया गया कि दिल्ली के कुछ हिस्सों में जमीन हर साल 51.0 mm की रफ्तार से नीचे जा रही है। इस वजह से फिलहाल 2,264 इमारतें खतरे में हैं। अगर यही हाल रहा तो अगले 50 सालों में यह संख्या बढ़कर 11,457 तक पहुंच सकती है। दिल्ली-NCR में बिजवासन, फरीदाबाद और गाजियाबाद को हॉटस्पॉट बताया गया है।
पीने के पानी में मिला जहर, यूरेनियम और लेड की मिलावट
भूजल की कमी के साथ-साथ उसकी क्वालिटी भी खराब हो गई है। CGWB की 2025 की रिपोर्ट बताती है कि दिल्ली के 13-15% सैंपल्स में यूरेनियम मिला है, जिससे यह उत्तर-पश्चिमी भारत का एक हॉटस्पॉट बन गया है। इसके अलावा, प्री-मानसून टेस्टिंग में दिल्ली में लेड (Lead) की मात्रा सबसे ज्यादा पाई गई, जहां 9.3% सैंपल्स सुरक्षित सीमा से बाहर थे। कई इलाकों में नाइट्रेट और फ्लोराइड की मात्रा भी तय सीमा से अधिक मिली है।
सरकार अब क्या कदम उठा रही है
इस संकट से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने एक बड़ा लक्ष्य रखा है। 29 मई 2026 को यह ऐलान किया गया कि अगले एक साल में करीब 50 करोड़ लीटर बारिश के पानी को इकट्ठा (Rainwater Harvesting) किया जाएगा। इसके लिए 75 CM श्री स्कूलों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को फिर से चालू किया जाएगा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि भूजल निकालने पर सख्त कंट्रोल और आर्टिफिशियल रिचार्ज ही इस समस्या का एकमात्र समाधान है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में जमीन धंसने का मुख्य कारण क्या है?
मुख्य कारणों में भूजल का अत्यधिक दोहन (92.10%), तेजी से बढ़ता शहरीकरण, भारी इमारतों का वजन और मेट्रो जैसे अंडरग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण शामिल है।
दिल्ली के किन इलाकों में जमीन धंसने का खतरा सबसे ज्यादा है?
दिल्ली-NCR में बिजवासन, फरीदाबाद और गाजियाबाद को जमीन धंसने के मुख्य हॉटस्पॉट के रूप में पहचाना गया है।
दिल्ली के भूजल की क्वालिटी में क्या खराबी पाई गई है?
रिपोर्ट के मुताबिक 13-15% सैंपल्स में यूरेनियम मिला है और 9.3% सैंपल्स में लेड (Lead) की मात्रा सुरक्षित सीमा से अधिक पाई गई है।