Delhi: दिल्ली में प्रवेश करने वाले कमर्शियल वाहनों के लिए अब जेब ढीली करनी होगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने ग्रीन सेस यानी पर्यावरण मुआवजा शुल्क (ECC) की दरों में बढ़ोतरी कर दी है। इसका सीधा अस
Delhi: दिल्ली में प्रवेश करने वाले कमर्शियल वाहनों के लिए अब जेब ढीली करनी होगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने ग्रीन सेस यानी पर्यावरण मुआवजा शुल्क (ECC) की दरों में बढ़ोतरी कर दी है। इसका सीधा असर उन ट्रकों और गाड़ियों पर पड़ेगा जो दूसरे राज्यों से दिल्ली में सामान लेकर आते हैं।
कितना बढ़ा टोल और कौन सी गाड़ियां होंगी महंगी
नई दरों के मुताबिक, हल्के कमर्शियल वाहनों और दो-एक्सल वाले ट्रकों के लिए टोल अब 1,400 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये कर दिया गया है। वहीं भारी वाहनों जैसे तीन-एक्सल और उससे ऊपर के ट्रकों के लिए यह शुल्क 2,600 रुपये से बढ़ाकर 4,000 रुपये कर दिया गया है। ये संशोधित दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू हो चुकी हैं और हर साल इसमें 5% की बढ़ोतरी होगी।
| वाहन की श्रेणी |
पुरानी दर (रुपये) |
नई दर (रुपये) |
| हल्के वाहन और 2-एक्सल ट्रक |
1,400 |
2,000 |
| 3-एक्सल और उससे ऊपर के ट्रक |
2,600 |
4,000 |
जरूरी सामान लाने वाली गाड़ियों को भी नहीं मिलेगी छूट
पहले जरूरी सामान ले जाने वाले वाहनों को इस शुल्क से छूट मिलती थी, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने 2 अक्टूबर 2025 से इस छूट को खत्म कर दिया है। MCD ने बताया कि सत्यापन के लिए गाड़ियों को रोकना पड़ता था जिससे प्रदूषण और जाम बढ़ता था, इसलिए अब सभी कमर्शियल वाहनों से शुल्क लिया जाएगा। इस फैसले से दिल्ली में सामान लाना महंगा हो सकता है, जिससे बाजार में चीजों की कीमतें बढ़ सकती हैं।
क्यों लिया गया यह फैसला और क्या है विवाद
इस कदम का मकसद प्रदूषण फैलाने वाले ट्रकों को दिल्ली शहर से बाहर रखना और उन्हें पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करना है। हालांकि, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस शुल्क पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मांग की है कि अगर यह पैसा पर्यावरण सुधार में इस्तेमाल नहीं हो रहा है, तो इसे बंद किया जाना चाहिए और सुप्रीम कोर्ट इस पर दोबारा विचार करे।