Delhi: दिल्ली प्रशासन ने सरकारी टेंडर हासिल करने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करने के आरोप में दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह पूरा मामला तब सामने आया जब जनकपुरी की एक फार्मा कंपनी SMPL Life Sciences Priv
Delhi: दिल्ली प्रशासन ने सरकारी टेंडर हासिल करने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करने के आरोप में दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह पूरा मामला तब सामने आया जब जनकपुरी की एक फार्मा कंपनी SMPL Life Sciences Private Limited ने शिकायत दर्ज कराई। आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने जाली लेटरहेड और गलत जानकारी देकर रक्षा मंत्रालय और सेना के अस्पतालों तक अपनी पहुंच बनाई।
कौन हैं आरोपी और कैसे किया फर्जीवाड़ा
पुलिस के मुताबिक, आरोपी प्रभनूर सिंह पुरी (पश्चिम विहार) और अजय कुमार (जनकपुरी) पहले SMPL Life Sciences कंपनी में काम करते थे। उनके पास कंपनी के ग्राहकों का डेटा, टेंडर के कागज और पैसों के हिसाब-किताब की पूरी जानकारी थी। आरोप है कि उन्हें पैसों के हेरफेर की वजह से नौकरी से निकाल दिया गया था, जिसके बाद उन्होंने मिलकर Mammoth Life Sciences LLP नाम की एक नई कंपनी बना ली और पुराने डेटा का गलत इस्तेमाल शुरू कर दिया।
सेना के अस्पताल और रक्षा मंत्रालय तक पहुंची बात
इन लोगों ने रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों को फर्जी लेटरहेड दिए और एक दूसरी सहयोगी कंपनी का नाम इस्तेमाल करके सरकारी टेंडर हासिल किए। जब सेना के Research and Referral Hospital ने दवाइयों की सप्लाई की जांच की, तो वहां बड़ी अनियमितताएं मिलीं। जांच के बाद टेंडर रद्द कर दिया गया और उनकी कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। दवा अधिकारियों ने उनका लाइसेंस भी रद्द कर दिया, लेकिन फिर भी वे दूसरे तरीकों से काम चलाते रहे।
धमकी और गैंगस्टरों के नाम का डर
FIR में यह भी लिखा है कि आरोपियों ने सिर्फ धोखाधड़ी ही नहीं की, बल्कि शिकायतकर्ता कंपनी के खिलाफ मानहानि का अभियान भी चलाया। उन्होंने कंपनी के प्रतिनिधियों से 1 करोड़ रुपये की मांग की और गोपनीय डेटा लीक करने की धमकी दी। इतना ही नहीं, डराने के लिए उन्होंने कुछ गैंगस्टरों की तस्वीरें भी दिखाईं और दावा किया कि उनके संबंध बड़े अपराध सिंडिकेट से हैं। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि सप्लाई की गई दवाओं की क्वालिटी कैसी थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यह मामला पहली बार कब सामने आया और FIR कब दर्ज हुई
यह मामला SMPL Life Sciences Private Limited की शिकायत के बाद सामने आया और दिल्ली प्रशासन ने 18 अप्रैल को आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की।
आरोपियों ने किस तरह से सरकारी टेंडर हासिल किए
आरोपियों ने अपनी पूर्व कंपनी के गोपनीय डेटा का इस्तेमाल किया और रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों को जाली लेटरहेड पेश करके धोखाधड़ी से टेंडर प्राप्त किए।