Delhi: दिल्ली के सरकारी स्कूलों में कक्षा 12वीं के कमजोर नतीजों ने शिक्षा विभाग की चिंता बढ़ा दी है। इस वजह से शिक्षा निदेशालय (DoE) ने कई स्कूलों के प्रिंसिपलों और शिक्षकों को शो-कॉज नोटिस जारी किया है। विभाग ने शिक्षको
Delhi: दिल्ली के सरकारी स्कूलों में कक्षा 12वीं के कमजोर नतीजों ने शिक्षा विभाग की चिंता बढ़ा दी है। इस वजह से शिक्षा निदेशालय (DoE) ने कई स्कूलों के प्रिंसिपलों और शिक्षकों को शो-कॉज नोटिस जारी किया है। विभाग ने शिक्षकों से पूछा है कि रिजल्ट उम्मीद से कम क्यों रहा और इसकी पूरी रिपोर्ट मांगी है।
नोटिस में क्या कहा गया है और शिक्षकों से क्या मांगा गया है?
शिक्षा निदेशालय ने उन स्कूलों को टारगेट किया है जहां छात्रों का प्रदर्शन काफी नीचे रहा। नोटिस में लिखा है कि विफलता का प्रतिशत ज्यादा है और उपलब्धि का स्तर खराब है। शिक्षकों से कहा गया है कि वे विषय-वार रिजल्ट का विश्लेषण करें। साथ ही भविष्य के लिए बेहतर पढ़ाई की योजना, रेगुलर टेस्ट और कमजोर छात्रों को सुधारने के लिए अपना तरीका बताएं। विभाग चाहता है कि प्रभावी कक्षा पद्धतियों से रिजल्ट में सुधार लाया जाए।
GSTA ने क्यों किया विरोध और क्या है उनकी दलील?
गवर्नमेंट स्कूल टीचर्स एसोसिएशन (GSTA) ने शिक्षा मंत्री आशीष सूद को पत्र लिखकर इन नोटिसों को वापस लेने की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि इस बार रिजल्ट गिरने की मुख्य वजह CBSE की नई ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली है। उनका आरोप है कि इस सिस्टम में तकनीकी खामियां थीं, जैसे धुंधली कॉपी स्कैन होना और पेज गायब होना। GSTA के महासचिव अजय वीर यादव ने कहा कि रिजल्ट छात्र के प्रदर्शन पर निर्भर करता है और केवल शिक्षकों को जिम्मेदार ठहराना गलत है।
रिजल्ट के आंकड़ों में कितनी गिरावट आई है?
दिल्ली के सरकारी स्कूलों का कुल पास प्रतिशत पिछले साल के 95.18% से घटकर अब 91.97% रह गया है। यह साल 2019 के बाद का सबसे कम आंकड़ा है। हालांकि, यह अभी भी राष्ट्रीय औसत 85.20% से बेहतर है। शिक्षकों का यह भी दावा है कि रिजल्ट विश्लेषण के लिए बनाया गया पोर्टल बंद हो गया था, जिससे डेटा चेक करने में काफी दिक्कत आई।
Frequently Asked Questions (FAQs)
शिक्षकों को शो-कॉज नोटिस क्यों जारी किए गए?
दिल्ली के सरकारी स्कूलों में कक्षा 12वीं का रिजल्ट पिछले साल के मुकाबले कम रहा है, जिसके कारण शिक्षा निदेशालय ने खराब प्रदर्शन का कारण जानने और स्पष्टीकरण देने के लिए नोटिस दिए हैं।
शिक्षकों की एसोसिएशन (GSTA) का इस पर क्या कहना है?
GSTA का मानना है कि रिजल्ट गिरने की वजह CBSE की नई ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम की कमियां हैं। उन्होंने मांग की है कि शिक्षकों पर मानसिक दबाव कम किया जाए और नोटिस वापस लिए जाएं।