Delhi: दिल्ली की हवा को साफ करने के लिए सरकार एक बार फिर एक्शन मोड में है। अब शहर में प्रदूषण फैलाने वाले असली कारणों का पता लगाने के लिए एक नई रियल-टाइम स्टडी शुरू की जाएगी। बुधवार, 22 अप्रैल 2026 को पर्यावरण मंत्री मंज
Delhi: दिल्ली की हवा को साफ करने के लिए सरकार एक बार फिर एक्शन मोड में है। अब शहर में प्रदूषण फैलाने वाले असली कारणों का पता लगाने के लिए एक नई रियल-टाइम स्टडी शुरू की जाएगी। बुधवार, 22 अप्रैल 2026 को पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने एक हाई-लेवल मीटिंग की और अधिकारियों को इस काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।
इस नई स्टडी में क्या होगा खास
यह स्टडी अगले पांच सालों तक चलेगी और इसका नेतृत्व IIT-Delhi करेगा। इस बार मुख्य फोकस PM10 लेवल के प्रदूषण पर होगा, ताकि यह जाना जा सके कि हवा में मौजूद धूल और अन्य कण कहां से आ रहे हैं। सरकार का मकसद पुराने तरीके को छोड़कर अब लगातार और रियल-टाइम डेटा जुटाना है, जिससे प्रदूषण से लड़ने के लिए सही कदम उठाए जा सकें।
पुरानी स्टडी क्यों बंद हुई और अब क्या बदलेगा
पहले ‘R-aasman’ नाम की एक स्टडी IIT-Kanpur द्वारा की जा रही थी, जो PM2.5 पर केंद्रित थी। लेकिन डेटा और काम करने के तरीके से संतुष्ट न होने के कारण सरकार ने नवंबर 2023 में इसे बंद कर दिया था। अब नई व्यवस्था में DPCC के सुपरसाइट को फिर से चालू किया जाएगा, जिसमें आधुनिक मशीनें और मोबाइल मॉनिटरिंग यूनिट्स जुड़ी होंगी। साथ ही, एक लाइव डैशबोर्ड भी बनाया जाएगा जिससे डेटा तुरंत साझा किया जा सके।
स्टडी से जुड़ी मुख्य बातें
| विवरण |
जानकारी |
| लीड संस्था |
IIT-Delhi |
| मुख्य फोकस |
PM10 प्रदूषण के स्रोत |
| समय सीमा |
5 साल |
| निर्णय लेने वाले |
पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा |
| सहयोगी विभाग |
DPCC |