Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर में फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट (Fire NOC) दिलाने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए नए नियम लागू किए हैं। अब सरकारी विभाग के साथ-साथ प्राइवेट कंपनियां और एक्सपर्ट्स भी इमारतों की जांच कर सकेंगे और N
Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर में फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट (Fire NOC) दिलाने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए नए नियम लागू किए हैं। अब सरकारी विभाग के साथ-साथ प्राइवेट कंपनियां और एक्सपर्ट्स भी इमारतों की जांच कर सकेंगे और NOC जारी कर पाएंगे। दिल्ली सरकार ने इसे गजट नोटिफिकेशन के जरिए अधिसूचित किया है ताकि लोगों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
प्राइवेट ऑडिटर्स और नए नियमों का क्या असर होगा?
नए नियमों के तहत अब ‘फायर सेफ्टी ऑडिटर्स’ के रूप में प्राइवेट एक्सपर्ट्स और कंपनियों को अनुमति दी गई है। इन ऑडिटर्स को दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के डायरेक्टर के पास रजिस्ट्रेशन कराना होगा और उनके द्वारा जारी सर्टिफिकेट कानूनी रूप से मान्य होंगे। दिल्ली फायर सर्विस अब मुख्य रूप से निगरानी और प्रवर्तन का काम करेगी, जिसमें वह हर तिमाही में जारी किए गए कम से कम 5% सर्टिफिकेट्स की रैंडम जांच करेगी।
किन इमारतों के लिए Fire NOC लेना जरूरी है?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अलग-अलग तरह की इमारतों के लिए ऊंचाई के आधार पर NOC अनिवार्य है। इसमें 15 मीटर से ऊंची रिहायशी इमारतें, 12 मीटर से ऊपर के होटल और गेस्ट हाउस, 9 मीटर से ऊपर के अस्पताल और स्कूल शामिल हैं। इसके अलावा सभी असेंबली बिल्डिंग और 250 वर्ग मीटर से ज्यादा एरिया वाले इंडस्ट्रियल या स्टोरेज बिल्डिंग के लिए भी यह जरूरी है। रिहायशी इमारतों के लिए NOC की वैधता 5 साल और कमर्शियल इमारतों के लिए 3 साल तय की गई है।
जुर्माने और नई निगरानी प्रणाली के बारे में जानकारी
नियमों को सख्त बनाने के लिए अब भारी जुर्माने का प्रावधान है। छोटी गलतियों के लिए डिप्टी चीफ फायर ऑफिसर 10,000 से 50,000 रुपये तक का जुर्माना लगा सकते हैं, जबकि 50,000 रुपये से ज्यादा का जुर्माना डायरेक्टर द्वारा लगाया जाएगा। साथ ही, अब इमारतों में ‘ऑटोमेटेड कंटीन्यूअस मॉनिटरिंग सिस्टम’ (ACMS) लगाना अनिवार्य होगा। बिल्डिंग मालिकों को हर साल ऑनलाइन घोषणा करनी होगी कि उनके फायर सेफ्टी उपकरण सही से काम कर रहे हैं, गलत जानकारी देने पर कार्रवाई होगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
प्राइवेट फायर NOC कब से लागू होंगे?
दिल्ली फायर सर्विस (संशोधन) नियम 2025 का नोटिफिकेशन मई 2026 में जारी हुआ। ज्यादातर नियम तुरंत लागू हो गए हैं, लेकिन ऑडिटर्स और मॉनिटरिंग सिस्टम से जुड़े बड़े बदलाव 90 दिनों के बाद प्रभावी होंगे।
Fire NOC की वैधता कितनी है?
रिहायशी इमारतों (Residential buildings) के लिए फायर NOC 5 साल तक मान्य रहेगी, जबकि कमर्शियल, इंस्टीट्यूशनल और इंडस्ट्रियल इमारतों के लिए इसकी वैधता 3 साल होगी।