Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर को यमुना की बाढ़ से बचाने के लिए एक बड़ी परियोजना को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने बताया कि बजट के हिस्से के रूप में इस प्रोजेक्ट को क्लियर किया गया है। सरकार अब अस्थाई इंतजामों के ब
Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर को यमुना की बाढ़ से बचाने के लिए एक बड़ी परियोजना को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने बताया कि बजट के हिस्से के रूप में इस प्रोजेक्ट को क्लियर किया गया है। सरकार अब अस्थाई इंतजामों के बजाय एक स्थाई समाधान की ओर बढ़ रही है ताकि हर साल होने वाली तबाही को रोका जा सके।
कहाँ बनेगी यह दीवार और क्या है इसका प्लान?
यह सुरक्षा दीवार लगभग 4.72 किलोमीटर लंबी होगी, जो Majnu Ka Tila से लेकर Old Railway Bridge (Kashmere Gate) तक रिंग रोड के किनारे बनाई जाएगी। इसका मुख्य मकसद उत्तर और मध्य दिल्ली के निचले इलाकों जैसे Civil Lines, Kashmere Gate, Yamuna Bazaar और Majnu Ka Tila को बाढ़ के पानी से बचाना है। यह दीवार पानी के उच्चतम स्तर से करीब 6 फीट ऊपर रहेगी ताकि सुरक्षा का पूरा बफर रहे।
प्रोजेक्ट की लागत और निर्माण की जानकारी
इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए करीब 50 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। निर्माण कार्य को दो हिस्सों में बांटा गया है:
- 850 मीटर हिस्सा Reinforced Cement Concrete (RCC) रिटेनिंग वॉल का होगा।
- बाकी 3,870 मीटर हिस्सा ईंट या पत्थर की चिनाई वाली बाउंड्री वॉल से बनाया जाएगा।
क्यों पड़ी इस दीवार की जरूरत?
दिल्ली में 1978, 2023 और 2025 में यमुना का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया था, जिससे भारी नुकसान हुआ। Flood Control Minister Parvesh Sahib Singh ने कहा कि पुराने तटबंध अब भविष्य की चुनौतियों के लिए काफी नहीं हैं। इस प्रोजेक्ट को Yamuna Standing Committee ने फरवरी में मंजूरी दी थी और अब लक्ष्य इसे आने वाले मानसून से पहले पूरा करने का है।